हरियाणा सरकार ने जारी की अधिसूचना, हरियाणा पंचायत राज नियम 1995 में संशोधन किया
फंड है तो विधायकों के कहने पर पंचायतों को करना होगा काम
चंडीगढ़। हरियाणा सरकार ने पंचायतों के काम में दखल देने संबंधी आदेश की अधिसूचना जारी कर दी है। नए नियमों के अनुसार पंचायती राज संस्थाओं के पास उपलब्ध फंड को हरियाणा सरकार गांव के नागरिकों की मांग पर खर्च कर सकेगी। एक तरह से विधायक, मंत्री, मुख्यमंत्री पंचायती फंड में से गांवों में विकास कार्याें के लिए निर्देश दे सकेंगे। इसके लिए सरकार ने हरियाणा पंचायत राज नियम 1995 में संशोधन किया है। संशोधन के अनुसार ग्राम पंचायत, पंचायत समिति व जिला परिषद अपने फंड का प्रयोग कर सकती हैं। इसके साथ-साथ सरकार की ओर से जो ग्रांट या अनुदान दिया गया है, उसका प्रयोग पंचायती राज संस्थाएं उसी कार्य के लिए करेंगी, जिस कार्य के लिए यह फंड निश्चित किया है। इसके अलावा सरकार ग्राम पंचायत, पंचायत समिति या जिला परिषद को उनके अपने फंड से ऐसे कार्य करने का निर्देश दे सकती है, जिसके लिए उस गांव के निवासियों ने मांग की है। सरकार ने निवासियों की मांग पर उस कार्य को सही माना है। ऐसे कार्य पंचायत, पंचायत समितियों या जिला परिषदों को अपने फंड से भी करवाने होंगे।
ये सौंपे गए हैं पंचायतों को कार्य
गलियों, नालियों, गाय घाट, स्वागत द्वार, गलियों, नालियों की मरम्मत, ग्राम सचिवालय की मरम्मत, चौपालों की मरम्मत, शिवदाम का रखरखाव, ट्यूबवेल की मरम्मत, तालाबों की देखरेख, हर घर से कचरा एकत्रितकरण, ड्रेन की सफाई, सार्वजनिक शौचालयों का रखरखाव, सफाई, स्ट्रीट लाइट व अन्य कार्य।
पंचायत समिति के कार्य-
पार्क, व्यायामशाला व योगशालाओं का रखरखाव, बायोगैस प्लांट, वाॅटर ट्रीटमेंट प्लांट, पार्काें का रखरखाव व अन्य कार्य।
जिला परिषद के कार्य-
स्वास्थ्य केंद्रों की मरम्मत, आंगनबाड़ी केंद्रों का निर्माण एवं रखरखाव, स्ट्रीट लाइट, ई-लाइब्रेरी, महिला संस्कृत केंद्र, इंडोर जिम, बस क्यू शेल्टर, प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालयों की मरम्मत, चौपाल निर्माण, ढाई एकड़ तक तालाब निर्माण, खेल स्टेडियम की मरम्मत, नालियों को कवर करने व अन्य कार्य।
सरकार व पंचायती राज संस्थाओं के संयुक्त कार्य-
ठोस कचरा प्रबंधन में निर्माण कार्य में सरकारी फंड 90 प्रतिशत व पंचायती राज संस्थाएं 10 प्रतिशत फंड, तरल कचरा प्रबंधन के लिए प्रोजेक्ट में निर्माण कार्य, पार्क, व्यायामशाला व योगशाला के लिए सरकार 80 प्रतिशत व पंचायती राज संस्थाएं 20 प्रतिशत फंड के साथ निर्माण कार्य करवा सकेंगी। इसी प्रकार से ई-लाइब्रेरी व जिमनेशिया में भी सरकार व पंचायती राज संस्थाओं का 80 व 20 प्रतिशत फंड साझा रहेगा।