इनेलो प्रमुख एवं हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला ने प्रदेशवासियों से 15 अक्तूबर को इनेलो के सभी प्रत्याशियों को विजयी बनाने का आह्वान किया है।
उन्होंने कहा कि उनकी गैर हाजिरी में पार्टी के प्रति समर्पण और चौधरी देवीलाल के प्रति सम्मान की लाज अब प्रदेशवासियों के हाथ में है।
बीती रात तिहाड़ जेल जाने से पहले प्रदेशवासियों के नाम लिखी अपनी चिट्ठी में इनेलो प्रमुख ने बताया कि दुनिया के एक बहुत बड़े दार्शनिक ने कहा है कि इतिहास खुद को दोहराता है।
उन्होंने जनमानस की क्रांति के अग्रदूत जयप्रकाश नारायण के जन्मदिन का उल्लेख करते हुए कहा कि आज जयप्रकाश नारायण जी का जन्मदिन है, जिन्होंने संघर्ष करके कांग्रेस के कुशासन से देश को छुटकारा दिलाया।
उन्हीं के नक्शेकदम पर चलते हुए हमने हरियाणा प्रदेश से कांग्रेस की भ्रष्ट सरकार का अंत करने का बीड़ा उठाया, जिसके लिए आज हम सजा काट रहे हैं।
पगड़ी की इज्जत पर आंच न आए
इनेलो प्रमुख ने हरियाणावासियों के नाम अपने संदेश में कहा कि लंबे अंतराल के बाद आज हम आपस में मिल रहे हैं, जो प्यार और सम्मान आपने दिया उससे मेरा हृदय गदगद हो गया। मुझे मेरे वर्करों और मेरे चाहनों वालों के अटूट संबंध पर गर्व है।
पूर्व मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि अब जुदाई का वक्त आ गया है, इस समय मेरे दिल में जुदाई के समय जो भावनाएं आ रही हैं, उसे वे एक कविता के माध्यम से कहना चाहते हैं।
उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं व प्रदेशवासियों से कहा है कि उनकी गैर हाजिरी में पार्टी के प्रति समर्पण और चौधरी देवीलाल के सम्मान की लाज अब उनके हाथ में है।
उन्होंने यह भी कहा कि पगड़ी की इज्जत पर आंच न आए और हरियाणा का मान-सम्मान व मेरे प्रति समर्पण इसको सिद्ध करने का आपका यह आखिरी इम्तिहान है।
अपनी कविता को कुछ इस तरह बयां किया...
लो फिर से बंध चले हैं, फर्ज की जंजीरों में
एक कतरा आंसू न गिरेगा चाहे देख लेना तस्वीरों में
गरीब के चूल्हे की रोटी की खातिर, खुद को हमने जला दिया
पर हमें है खुशी यही, कि दुश्मन की जड़ों को हिला दिया
हमने निभाया वादा अपना, अब तुम भी अपना वादा निभा देना
मिट भी जाऊं तो दुनिया को मेरा इतिहास बता देना।