चंडीगढ़ के मेयर कुलदीप कुमार को उनके ही विभाग के अधिकारी जवाब नहीं दे रहे हैं। 27 अगस्त को हुई सदन की बैठक के बाद मेयर ने आठ दिन में पांच पत्र लिखे और सदन में उठे मुद्दों पर विभिन्न विभागों के अधिकारियों से जवाब मांगा लेकिन आज तक उन्हें कोई जवाब नहीं मिला। दुखी होकर उन्होंने अब आयुक्त विनय प्रताप सिंह को पत्र लिखा है और पूरी जानकारी दी है। कहा है कि ऐसा कर अधिकारी नगर निगम एक्ट का उल्लंघन कर रहे हैं।
लिखित में पांच सवाल पूछने के बाद जब उन्हें एक का भी जवाब नहीं मिला तो मेयर ने 16 सितंबर को आयुक्त व डीसी विनय प्रताप सिंह को पत्र लिखा और 29 अगस्त से लेकर 5 सितंबर के बीच लिखे पांचो पत्रों का हवाला देते हुए कहा कि उन्हें यह बताते हुए बहुत दुख हो रहा है कि उनकी ओर से लिखे गए पत्रों का जवाब नहीं दिया जा रहा है। न ही किसी अधिकारी ने यह बताने की जहमत उठाई है कि उत्तर देने में देरी क्यों हुई है।
उन्होंने कहा है कि यह स्पष्ट रूप से म्युनिसिपल कॉरपोरेशन एक्ट के सेक्शन 38 (6) का उल्लंघन है। मेयर ने पत्र में एक्ट की भी कॉपी लगाई है। साथ ही दोबारा आग्रह किया कि अब देर न करते हुए तुरंत उनके सवालों के जवाब दिए जाएं। मेयर ने पत्र की कॉपी यूटी प्रशासन के गृह सचिव-कम-सेक्रेटरी लोकल गवर्नमेंट को भी भेजी है।