पंजाब विधानसभा चुनाव में कैप्टन अमरिंदर सिंह ने भाजपा और संयुक्त अकाली दल के साथ विधानसभा चुनाव में उतरने की घोषणा की है। चंडीगढ़ सेक्टर नौ में सोमवार को पंजाब लोक कांग्रेस (पीएलसी) के पार्टी कार्यालय के उद्घाटन के मौके पर कैप्टन ने यह भी दावा किया कि विधानसभा चुनाव में उनका मुकाबला किसी भी पार्टी से नहीं है। उनकी पार्टी गठबंधन सहयोगियों के दम पर सरकार बनाएगी।
पार्टी मुख्यालय के उद्घाटन कार्यक्रम के मौके पर कैप्टन की पत्नी कांग्रेस सांसद परनीत कौर मौजूद नहीं थीं। हालांकि कैप्टन की बेटी जयइंदर कौर इस मौके पर उपस्थित रहीं। उन्होंने अपनी मां परनीत कौर के कांग्रेस छोड़ने के सवाल पर कहा कि आने वाले समय में परनीत कौर खुद फैसला लेंगी, वह उनकी तरफ से कुछ नहीं कहना चाहती। यह पूछे जाने पर कि क्या वह अपने पिता की पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ेंगी, जयइंदर ने चुनाव लड़ने से इंकार किया। उन्होंने कहा कि वह अपने पिता के साथ हैं और उनकी पार्टी के लिए काम करेंगी।
शिरोमणि अकाली दल (संयुक्त) के प्रमुख नेता जत्थेदार रणजीत सिंह ब्रह्मपुरा और प्रधान सुखदेव सिंह ढींढसा के नेतृत्व में पार्टी की सोमवार को हुई बैठक में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर रणनीति तय करने की जिम्मेदारी सुखदेव सिंह ढींढसा को सौंप दी गई।
यह जानकारी पार्टी के महासचिव और मुख्य प्रवक्ता निधड़क सिंह बराड़ ने दी। उन्होंने बताया कि बैठक में पंजाब के मौजूदा हालात और आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर गहन विचार-विमर्श किया गया और पार्टी की पूरी सीनियर लीडरशिप ने सर्वसम्मति से पार्टी के बारे में अहम फैसले लेने का अधिकार पार्टी प्रधान सुखदेव सिंह ढींढसा को सौंप दिया। उन्होंने कहा कि जल्द ही पार्टी प्रधान ढींढसा की ओर से विधानसभा चुनाव को लेकर पार्टी की रणनीति का एलान किया जाएगा।