बच्चों में विशेष सुरक्षा चक्र
पीजीआई सामुदायिक चिकित्सा विभाग के डॉ. रविन्द्र खैवाल का कहना है कि छोटे बच्चों में विशेष सुरक्षा चक्र होता है। कोरोना की तीनों लहरों में सबसे कम छोटे बच्चे संक्रमित हुए लेकिन उनकी सुरक्षा को लेकर किसी भी तरह की लापरवाही ठीक नहीं। जब तक जन्म से एक से 11 साल तक के बच्चों के लिए टीका नहीं आता तब तक संक्रमण से बचाव के मानकों का कड़ाई से पालन करना है। घर के बड़ों को मास्क, सैनिटाइजर और शारीरिक दूरी के मानकों की अनदेखी नहीं करनी चाहिए अन्यथा उनकी गलती का खामियाजा बच्चों को उठाना पड़ेगा।
संक्रमण के साथ बढ़ रही है बच्चों के टीकाकरण की रफ्तार
| तिथि |
टीकाकरण |
संक्रमित मरीज |
| 21 अप्रैल |
606 |
06 |
| 22 अप्रैल |
699 |
06 |
| 23 अप्रैल |
1966 |
07 |
| 24 अप्रैल |
1075 |
09 |
| 25 अप्रैल |
740 |
09 |
बच्चों के टीकाकरण अभियान को रफ्तार मिलने लगी है। अभिभावक संक्रमण और बच्चों की सुरक्षा को लेकर सचेत हो रहे हैं। बच्चों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए स्कूलों और अस्पतालों में टीकाकरण केन्द्र संचालित किए जा रहे हैं। -डॉ. मंजीत सिंह, राज्य टीकाकरण अधिकारी