पुलिस थानों में सीसीटीवी कैमरे खराब होने के मामले में हाईकोर्ट के आदेश पर नूंह के एसपी हाईकोर्ट में पेश हुए। उन्होंने बताया कि सीसीटीवी कैमरा खराब था और एसएचओ की लापरवाही के कारण समय पर डीडीआर दर्ज नहीं हुई। अब एसएचओ पर कार्रवाई के लिए लिखा गया है और उनकी सर्विस बुक पर भी रेड एंट्री होगी।
याचिका दाखिल करते हुए सहीमा ने एडवोकेट फारुख अब्दुल्ला के माध्यम से बताया कि उसके पति इमरान को सीआईए स्टाफ ने उठाया था। इसके बाद जब याची ने वहां जाकर पूछताछ की तो उन्होंने बताया कि आंध्र प्रदेश पुलिस उसके पति को लेकर गई है। याची आंध्र प्रदेश पहुंची तो वहां की पुलिस ने ऐसे किसी भी व्यक्ति की गिरफ्तारी से इनकार कर दिया। इसके चलते अपने पति को पुलिस की अवैध हिरासत से छुड़ाने के लिए हाईकोर्ट की शरण ली।
हाईकोर्ट वारंट ऑफिसर नियुक्त किया और सभी जगह ढूंढने पर भी याची का पति नहीं मिला। इस दौरान पुलिस स्टेशन की सीसीटीवी फुटेज मांगी गई तो बताया गया कि सीसीटीवी कैमरा काम नहीं कर रहा। इस बारे में शिकायत भी दी गई थी। हाईकोर्ट ने इस पर नाराजगी जताते हुए कहा था कि दो साल पहले हरियाणा सरकार ने कहा था कि सभी पुलिस स्टेशन के प्रवेश व निकास द्वार पर सीसीटीवी कैमरे लगा दिए गए हैं।
हाईकोर्ट ने अब इस मामले में एसपी नूंह को पेश होने का आदेश दिया था। साथ ही यह भी कहा था कि यदि जवाब संतोषजनक नहीं तो प्रदेश के डीजीपी को तलब कर लिया जाएगा। अब एसपी ने बताया कि एसएचओ की लापरवाही के कारण कैमरे खराब होने की डीडीआर समय पर दर्ज नही हुई। इसी कारण इसे हाईकोर्ट द्वारा नियुक्त वारंट ऑफिसर को नहीं दिखाया जा सका। इस लापरवाही के कारण एसएचओ के खिलाफ कार्रवाई के लिए लिखा गया है और अब उसकी एसीआर में इसे दर्ज भी किया जाएगा।