अब शहर में लगने वाली साप्ताहिक सब्जी-फल मंडी और डे मार्केट्स रात 10 बजे बंद होगी। नगर निगम की सोमवार को होने वाली सदन की बैठक में रात एक घंटे का समय बढ़ा दिया है। मालूम हो कि अमर उजाला ने बुधवार और वीरवार के अंक में रात 9 बजे मंडी बंद करने के फैसले को प्रमुखता से उठाया था।
जिसके बाद नगर निगम ने सोमवार को मंडी के समय में लोगों की सुविधा के अनुसार बदलाव कर दिया है। सदन में भाजपा पार्षद चंद्रवती शुक्ला को छोड़कर सभी मंडी का समय 10 बजे करने का समर्थन किया।
मालूम हो कि पिछले बुधवार से अतिरिक्त कमिश्नर अनिल गर्ग के आदेश पर नगर निगम हर रात 9 बजे मंडियों को बंद करवा रहा है जिस कारण विक्रेताओं और लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है मालूम हो कि अधिकतर लोग रात 9 बजे के बाद ही मंडियों में खरीददारी करने के लिए जाते हैं।
सुबह मंडी खुलने का समय 11 बजे तय किया गया है जो कि पहले 8 बजे था। इसका फायदा यह मिलेगा कि किसान और फड़ी वाले जो सब्जी बेचने के लिए आते हैं कि रात को ही टेबल लगाना शुरू नहीं करेंगे।
इसके साथ ही यह भी निर्णय लिया गया है कि अब जो वेंडर्स और किसान यहां पर स्टाल लगाते हैं उनसे वसूला जाने वाला शुल्क भी बढ़ाया जाए ऐसे में अगले माह होने वाली सदन की बैठक में अधिकारी रेट बढ़ाने का प्रस्ताव लेकर आएंगे।
नगर निगम मंडी में साइट्स अलाट करने का काम ठेकेदार के माध्यम से करता है लेकिन अब क्षमता से अधिक फड़ियां नहीं लग पाएगी, क्योंकि अब तय साइट्स के अनुसार पर्चियां खुद नगर निगम ठेकेदार को फड़ी वालों को देने के लिए देगी।
इस समय 20, 40 और 60 रुपये की साइट साइज के हिसाब से अलाट की जाती है। भाजपा पार्षद चंद्रवती शुक्ला ने यह भी कहा कि मंडी में रात तक मंडी लगने से आसपास रहने वाले लोगों को सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ता है।
मंडी के अंदर कई विक्रेता शराब पीते है। सदन की बैठक में पार्षद विरोद अग्रवाल ने मनीमाजरा में लगने वाली अवैध सब्जी मंडी का मामला उठाया जिस पर कमिश्नर ने कहा कि जिनका स्ट्रीट वेंडर के तहत सर्वे हुआ है उन्हें नहीं हटाया जा सकता है, इसका डिप्टी मेयर अनिल दूबे ने भी समर्थन किया। दूबे ने कहा कि जब तक उन्हें दूसरी जगह अलाट नहीं की जाती, तब तक उन्हें न हटाया जाए अगर उन्हें हटाया जाएगा तो वह खुद फड़ी वालों का साथ देंगे।