राइट टू इनफोरमेशन (आरटीआई) के तहत जानकारी न देने वाले पंजाब के सरकारी अफसर अब नपेंगे। एक मामले की सुनवाई करते हुए राज्य सूचना आयोग ने माजरी की तत्कालीन बीडीपीओ और अकाउंटेंट के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
विभाग में काम करने वाली एक महिला कर्मचारी के वेतन से ज्यादा आयकर काट लिया गया। महिला कर्मचारी के पिता ने इस संबंध में विभाग के उच्चाधिकारियों को शिकायत की, लेकिन कोई हल नहीं निकला। इसके बाद उन्होंने आरटीआई के तहत विभाग से सूचना मांगी की किस तरह ज्यादा आयकर काटा गया है। हालांकि विभाग के बीडीपीओ ने आरटीआई आवेदन पर भी जवाब नहीं दिया।
राज्य सूचना आयोग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए विभाग के वर्तमान बीडीपीओ से जवाब मांगा। इस पर बीडीपीओ ने जवाब तो दे दिया, लेकिन विभाग की तत्कालीन बीडीपीओ द्वारा जवाब नहीं देने को आयोग ने गंभीरता से लेते हुए उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई को लिखा। साथ ही इस मामले में टैक्स काटने वाले अकाउंटेंट को भी बराबर का दोषी मानते हुए आयोग ने उसके खिलाफ भी कार्रवाई करने के आदेश दिए।