साहित्य संस्था मंथन ने सेक्टर-23 के मुनि जी के मंदिर में एक समारोह में पुस्तक का विमोचन और कवि दरबार का आयोजन किया। यह कार्यक्रम वरिष्ठ रचनाकार चंद्र भार्गव स्नेहिल की अध्यक्षता में हुआ।
इसमें मुख्यातिथि के रूप में सुप्रसिद्घ साहित्यकार व हरियाणा साहित्य अकादमी के निदेशक डॉ. श्याम सखा ‘श्याम’ ने शिरकत की और विशिष्ट अथिति के रूप में कवयित्री व कथाकार डॉ. शील कौशिक मौजूद रहीं। मंच संचालन डॉ. उर्मिला कौशिक ‘सखी’ ने किया।
कार्यक्रम के पहले चरण में हरियाणा साहित्य अकादमी के निदेशक डॉ. श्याम सखा ‘श्याम’ ने उपन्यासकार आर चंद्रा के उपन्यास ‘पल पल बदलते रिश्ते’ का विमोचन किया। इस अवसर पर चंद्र भार्गव ‘स्नेहिल’, सिरसा से डॉ. शील कौशिक, डॉ. सुशील ‘हसरत’ नरेलवी, डॉ. उर्मिला कौशिक ‘सखी’ व कवि दीपक खेतरपाल उपस्थित थे।
उपन्यासकार आर चंद्रा के उपन्यास पल पल बदलते रिश्ते पर पर्चा पढ़ते हुए आलोचक व कथाकार नरेंद्र निर्मोही ने कहा इस उपन्यास का मूल स्वर सामाजिक विषमताओं को उजागर करना एवं संस्कारों के महत्व, उसके बल से ओतप्रोत व्यक्ति की क्षमताओं, आस्थाओं और एक नए समाज की रचना की आकांक्षा को रेखांकित करना है।
इसमें बेरोजगारी, गरीबी, भ्रष्टाचार, राजनैतिक प्रपंच, उठापटक, जातिवाद, बुज़ुर्गों के प्रति बढ़ती अवहेलना, संवादहीनता, असंवेदनशीलता, पारिवारिक रिश्तों के बिखराव का चरित्र-चित्रण विभिन्न पात्रों व घटनाओं के माध्यम से होता हुआ निवारण की तलाश करता है। डॉ. सुशील ‘हसरत’ नरेलवी और डॉ. श्याम सखा ‘श्याम’ सहित अन्य लोगों ने विचार रखे।
गोष्ठी के दूसरे चरण में कवि दरबार का शुभारंभ गजलकार राहुल चौधरी की गजल से हुआ। कवि पवन बतरा ने कविता, गजलकार सुशील ‘हसरत’ नरेलवी ने गजल, कवयित्री शिखा श्याम राणा, सतनाम सिह, राजन ‘गरीब’ कवयित्री, डॉ. उर्मिला कौशिक सखी, सरदारी लाज धवन कमल और सिरसा से डॉ. मेजर शक्ति राज कविता सुनाई।