पंजाब के थानों में महिला पुलिस अफसरों एवं मुलाजिमों के लिए अलग से शौचालय की व्यवस्था न होने का तथ्य उजागर करते हुए दायर एक जनहित याचिका पर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस संजय किशन कौल एवं जस्टिस अरुण पल्ली की डिवीजन बेंच ने गृह विभाग और पुलिस महानिदेशक को चार महीनों के भीतर सभी थानों में अलग से महिला शौचालय बनाने का निर्देश जारी किया है।
एडवोकेट एचसी अरोड़ा ने याचिका में कहा है कि कुछ एसएसपी दफ्तरों से प्राप्त आरटीआई से पता चला है कि 46 थानों के संबंध में दी जानकारी में से 36 थानों में अलग शौचालय नहीं हैं।
यह जानकारी निजी इमारतों, क्वार्टरों एवं विश्राम गृहों में चल रहे थानों के संबंध में मांगी गई थी। इनमें पटियाला जिले के शंभू, त्रिपड़ी, घन्नौर, सदर समाणा, पसियाणा, घग्गा, पातड़ां, अरबन इस्टेट और खेड़ी गंडियां, फरीदकोट जिले के सद्दीक, सदर कोटकपूरा और बाजा खाना, शहीद भगत सिंह नगर जिले के बहिराम और मुकंदपुर, तरनतारन जिले के चोला साहिब, होशियारपुर जिले के चब्बेवाल, मेहतियाणा, गढ़दीवाला, भुल्लेवाल, माडल टाऊन और दसूहा, फतेहगढ़ साहिब जिले के बडाली आला सिंह और गोबिंदगढ़ डिवीजन-2, साहिबजादा अजीत सिंह नगर जिले के सिटी खरड़, मुल्लांपुर, बलौंगी, घड़ूआं, कुराली और सोहाना शामिल हैं।