जालंधर जिले में दिव्य ज्योति जागृति संस्थान नूरमहल के प्रमुख आशुतोष महाराज की देह की जेड श्रेणी सुरक्षा वापस लेने की मांग को लेकर वीरवार को एक जनहित याचिका दायर की गई।
याचिका पर सुनवाई करते पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के कार्यकारी चीफ जस्टिस आशुतोष मोहंता और जस्टिस एचएस सिद्धू की बेंच ने पंजाब के मुख्य सचिव, डीजीपी और प्रमुख सचिव गृह को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। मामले की अगली सुनवाई 11 सितंबर को होगी।
दिलबाग सिंह ने अपनी याचिका में सवाल उठाया है कि एक ओर तो शव को जेड सुरक्षा दी गई है, दूसरी ओर गलियों व सड़कों पर उपयुक्त पेट्रोलिंग के अभाव में आम व्यक्ति असुरक्षित है।