फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

‘कलाकार नहीं, उनके रंग सबकुछ कह देते हैं’

विज्ञापन
विज्ञापन
चंडीगढ़। चंडीगढ़ ललित कला अकादमी की ओर से चल रही वार्षिक कला प्रदर्शनी का बुधवार को समापन हो गया। यह प्रदर्शनी सेक्टर-16 के पंजाब कला भवन में लगाई गई। प्रदर्शनी 26 अप्रैल से दो मई तक आयोजित होनी थी लेकिन प्रदर्शनी में लोगों की संख्या बढ़ने पर इसे दो दिनों तक के लिए बढ़ा दिया गया। इस दौरान प्रदर्शनी देखने आए दर्शकों ने कहा कि कलाकार जो बोल नहीं सकते, वे रंगों से कह देते हैं।
विज्ञापन

अकादमी के चेयरमैन भीम मल्होत्रा ने बताया कि इस प्रदर्शन में पेशेवर और विद्यार्थी श्रेणी के काम की प्रदर्शनी लगाई गई। इसमें स्कल्पचर, ग्राफिक, पेंटिंग, फोटोग्राफी की प्रदर्शनी लगाई गई। उन्होंने बताया कि कुल 186 पेशेवर और विद्यार्थी श्रेणी के कलाकारों ने 445 वर्क जमा कराए। इसमें ज्यूरी ने कुल 119 वर्क का चयन किया जिसे यहां पर प्रदर्शनी में प्रदर्शित किया गया। स्टूडेंट कैटेगरी में पांच अवार्ड 25-25 हजार रुपये और 10-10 हजार रुपये के तीन अवार्ड मेरिट के थे। इसी प्रकार प्रोफेशनल केटेगरी के 50-50 हजार रुपये के तीन अवार्ड और 10-10 हजार रुपये के मेरिट अवार्ड थे।
‘कलाकार जो बोल नहीं पाते, उन्हें रंगों से कहते हैं’
बुधवार को चितकारा यूनिवर्सिटी के फाइन आर्ट्स के छात्राओं ने प्रदर्शन को देखा। छात्राओं में नितिका, राधा, स्मृति, नंदिनी, गरिमा और रूपीत ने बताया कि ये कलाकृतियां बहुत कुछ कहती हैं। ये कलाकृतियां बिना बोले ही सब कुछ बता देती हैं। यह निर्भर करता है कि दर्शक इसे किस प्रकार से देखता है। हर कलाकार कुछ न कुछ सोचता रहता है और वह उसी के अनुरूप कार्य करता है। कलाकार वर्तमान संदर्भों को भी प्रदर्शित करता है जो समाज में घटनाएं घटित हो रही हैं। छात्राओं ने बताया कि वे सभी अभी सीख रही हैं। इन कलाकृतियों को देखकर मन में उत्साह का संचार होता है कि वे भी कला के क्षेत्र में बेहतर कर सकें। इस प्रकार की प्रदर्शनियों से प्रेरणा मिलती है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें