पूर्व और मौजूदा सांसदों व विधायकों के खिलाफ दर्ज आपराधिक मामलों के जल्द निपटारे को लेकर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट द्वारा लिए गए संज्ञान मामले में मंगलवार को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी), सीबीआई और आयकर विभाग ने जवाब सौंपा। तीनों ने बताया कि किसी माननीय के खिलाफ जांच लंबित नहीं है। सभी मामलों में जांच पूरी कर कोर्ट में रिपोर्ट सौंपी जा चुकी है।
इससे पहले पिछली सुनवाई पर पंजाब ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन के आईजी गुरिंदर सिंह ढिल्लों ने बताया था कि पंजाब के पूर्व सीएम चरणजीत सिंह चन्नी, अकाली नेता बिक्रम सिंह मजीठिया, सिमरजीत सिंह बैंस, फतेहजंग बाजवा, सुच्चा सिंह छोटेपुर, हरिंदरपाल सिंह चंदूमाजरा, विरसा सिंह वल्टोहा और सुखपाल सिंह भुल्लर पर एफआईआर दर्ज की गई है। इन सभी के खिलाफ दर्ज एफआईआर में जांच जारी है। इन एफआईआर में जांच अधिकारियों को जल्द से जल्द जांच को पूरा करने का निर्देश दिया जा चुका है।
सुनवाई के दौरान हरियाणा सरकार की तरफ से कोर्ट को बताया गया कि हरियाणा पुलिस के समक्ष नौ माननीयों के खिलाफ जांच चल रही है। अन्य सभी मामलों में कोर्ट के समक्ष रिपोर्ट फाइल कर दी गई है और वह मामले कोर्ट के विचाराधीन हैं। पंजाब के पूर्व और मौजूदा सांसदों/विधायकों के खिलाफ सिर्फ सात एफआईआर हैं, जिसमें जांच जारी है। इनमें बिक्रम सिंह मजीठिया, पूर्व विधायक अनिल जोशी, पूर्व विधायक मलकीत सिंह, विधायक पवन कुमार टीनू, विधायक गुरप्रताप सिंह वडाला, बलदेव सिंह खेरा और पूर्व विधायक अजित सिंह कोहाड़, सिमरजीत बैंस, बलविंदर सिंह व विरसा सिंह वल्टोहा आरोपी हैं।