बुड़ैल जेल के बाहर बम मिलने के मामले की जांच अब राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) करेगी। चंडीगढ़ पुलिस से केस ट्रांसफर होने के बाद एनआईए ने इस मामले में नई एफआईआर दर्ज की है। बीते 23 अप्रैल को बुड़ैल जेल के पीछे की दीवार के पास एक टिफिन बम मिला था, जिसमें एक किलो आरडीएक्स था। जेल के पास एक मोबाइल और एक डेटोनेटर भी बरामद हुआ था।
पुलिस के अनुसार, इस इस मामले के तार जर्मनी में बैठे आतंकी जसविंदर सिंह मुल्तानी से जुड़े हैं। घटना के बाद पुलिस ने घटनास्थल से डंप डाटा उठाया था, जिसमें एक संदिग्ध नंबर मिला था जो घटना वाले दिन से ही बंद था। पुलिस ने जांच की तो इस नंबर से आखिरी कॉल जर्मनी में बैठे आतंकी जसविंदर सिंह मुल्तानी को की गई थी।
पुलिस ने नंबर की लोकेशन चेक की तो आखिरी लोकेशन बम मिलने के पास की थी। बता दें कि आतंकी जसविंदर सिंह मुल्तानी का कनेक्शन लुधियाना बम ब्लास्ट मामले में भी मिला था। बुड़ैल जेल में ही एनआईए का कार्यालय भी है इसलिए एनआईए भी इस मामले को गंभीरता से ले रही है।
एनएसजी ने धमाका करवाकर बम को किया था नष्ट
23 अप्रैल को बुड़ैल जेल के पीछे दीवार के पास मिले टिफिन बम को नष्ट कराने के लिए चंडीगढ़ पुलिस प्रशासन को सेना और एनएसजी की मदद लेनी पड़ी थी। 24 अप्रैल को एनएसजी की टीम ने धमाका करवाकर बम को नष्ट किया था।
पुलिस को अब तक ये चीजें मिलीं
तीन डेटोनेटर, टिफिन बम, एक किलो आरडीएक्स, कीलें और जले हुए कोडेक्स तार, एक उर्दू का अखबार, नाखूनों वाला एक छोटा पॉलीपैक, कुछ प्रिंटआउट जिस पर खालिस्तान एक्शन फोर्स लिखा है, एक रेडमी 9-ए मोबाइल फोन।