बताया जा रहा है कि करीब 10 महीने पहले कंग ने अमेरिका में बैठे बाबा बघेल नामक व्यक्ति से फोन पर बात की थी। उनकी वीडियो कॉल से हुई बातचीत सोशल मीडिया पर भी वायरल हुई थी। बाबा बघेल पहले ही एनआईए समेत देश की अन्य एजेंसियों की रडार पर है। सूत्रों के अनुसार फिलहाल की जांच में कंग का कोई विदेशी लिंक सामने नहीं आया है।
कंग का कहना है कि करीब 10 महीने पहले उन्होंने डेहलों में स्क्रैप चोरी के गिरोह का पर्दाफाश किया था। उक्त मामले में समाज सेवक एवं पंजाब पुलिस कर्मी गोल्डी पीपी की कार्यशैली पर सवाल उठाए गए थे। उन्हें अमेरिका से बाबा बघेल नामक व्यक्ति की कॉल आई थी। जिसे वह बिल्कुल भी नहीं जानते। बाबा बघेल ने बोला कि उन्हें गोल्डी पीपी का बायोडाटा दिया जाए। वह खुद गोल्डी के बारे में खुलासे करना चाहता है। सिर्फ इतनी ही बात हुई थी।
बता दें कि जब मार्च महीने में खालिस्तानी समर्थक अमृतपाल सिंह को पंजाब पुलिस गिरफ्तार करने का प्रयास कर ही थी। इसी दौरान सैन फ्रांसिस्को में भारत के वाणिज्य दूतावास पर 19 मार्च को खालिस्तान समर्थकों के एक समूह ने हमला किया था। उन्होंने दूतावास को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की थी। दूतावास में आग लगाई थी। इसके अलावा दो जुलाई आधी रात को कुछ लोगों ने वाणिज्य दूतावास की इमारत को आग लगाने का प्रयास किया। एनआईए इस केस की जांच से विदेश में बैठे लोगों को साफ संदेश देना चाहती है। टीम ने अगस्त 2023 में सैन फ्रांसिस्को का दौरा भी किया था।
मोगा के गांव झंडेवाला में एक घर पर दबिश
मोगा के गांव झंडेवाला में बुधवार की सुबह एनआईए की टीम ने गुरलाब सिंह नाम के एक व्यक्ति के घर पर दबिश दी। इस दौरान गुरलाब सिंह की पत्नी हरप्रीत कौर से करीब ढाई घंटे पूछताछ की गई। गुरलाब सिंह बठिंडा का रहने वाला है और करीब 15 साल से मोगा में रहा है। वह ट्रक ड्राइवर है। गुरलाब सिंह की पत्नी हरप्रीत कौर ने जानकारी दी कि वह अपने पति गुरलाब सिंह के नाम से एक फेसबुक पेज चलाती है और उसमें हक की बात करते हैं। बुधवार को एनआईए की टीम ने इसी पेज के संबंध में पूछताछ की और मोबाइल और फेसबुक पेज की जांच की। हरप्रीत कौर ने कहा की 24 नवंबर को चंडीगढ़ एनआईए के दफ्तर में भी हमें बुलाया है।