हरियाणा और पंजाब में आतंकियों से संदिग्ध मददगारों के ठिकानों पर बढ़ाई निगरानी
चंडीगढ़। यूपी के पीलीभीत में पुलिस मुठभेड़ में ढेर तीनों खालिस्तानी आतंकियों के हरियाणा और पंजाब में मददगारों के नेटवर्क को खंगालने में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने जांच तेज कर दी। दोनों राज्यों की पुलिस के जरिए एनआईए ने आतंकियों से संदिग्ध मददगारों के घर और ठिकानों पर निगरानी बढ़ा दी है। अभी तक एनआईए की तरफ से संदिग्ध मानते हुए हरियाणा के यमुनानगर स्थित गांव खारवन निवासी आतंकी कुलबीर सिंह उर्फ सिद्धू और पंजाब के तरनतारन निवासी खालिस्तान जिंदाबाद फोर्स (केजेडएफ) आतंकी जगजीत का नाम सामने आया है। साथ ही पूर्व में आतंकी संगठन के साथ काम करने वाले गैंगस्टरों और आतंकियों से संबंध होना भी खंगाल रही है।
एनआईए के मुताबिक इंग्लैंड में बैठा आतंकियों का मददगार कुलबीर सिंह उर्फ सिद्धू, बब्बर खालसा इंटरनेशनल (बीकेआई) से जुड़ा आतंकी है। एनआईए ने पंजाब के रूपनगर जिले के नंगल में विहिप नेता विकास बग्गा की हत्या की साजिश में शामिल सिद्धू पर 10 लाख रुपये का इनाम रखा हुआ है। एनआईए की जांच में सामने आया कि इंग्लैंड में बैठे सिद्धू ने ही आतंकियों को पीलीभीत के पूरनपुर के होटल में कमरा दिलाने के लिए गजरौला जप्ती निवासी जसपाल उर्फ सनी को फोन किया था।
एनआईए की जांच के आधार पर हरियाणा पुलिस की यमुनानगर-जगाधरी सदर थाना पुलिस भी सिद्धू के घर पहुंचकर परिजनों से पूछताछ कर चुकी है। हालांकि, परिवार के पास सिद्धू के बारे में कोई जानकारी नहीं मिली। उसके पिता सुखविंद्र सिंह ने बताया कि 2017 में बिना बताए आर्मेनिया जाने के बाद 17 वर्षीय कुलबीर का परिवार से संपर्क टूट गया था। साथ ही उसे छह साल पहले बेदखल किया जा चुका है।
दोनों राज्यों में सक्रिय गैंगस्टरों से मदद ले रहे आतंकी संगठन
एनआईए के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि जून 2023 में खालिस्तानी आतंकी हरदीप सिंह निज्जर की कनाडा में मौत होने के बाद से ही आईएसआई पंजाब-हरियाणा में खालिस्तानी संगठनों को एक बार फिर सक्रिय करने में जुटा है। इसके लिए दोनों राज्यों में जमीनी स्तर पर सक्रिय गैंगस्टरों की मदद लेकर आतंकी संगठन अपने मंसूबों में कामयाब होने की कोशिश में लगे हुए हैं।