सतलुज नदी पर बने भाखड़ा नंगल डैम की गोविंद सागर झील में पानी का रखरखाव ठीक से नहीं हो रहा है। साथ ही नंगल नगर काउंसिल अपने दोनों ट्रीटमेंट प्लांट के जरिए सरकार व लोगों को गुमराह कर रही है। यह तथ्य उस समय सामने आए, जब नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल यानी एनजीटी की निगरान कमेटी के चेयरमैन सहित चार सदस्यों ने नदियों में प्रदूषण को लेकर चेकिंग की।
भाखड़ा नंगल डैम पर बनी गोविंद सागर झील के पानी को अभी तक साफ व सुरक्षित माना जाता रहा है। लेकिन निगरान कमेटी की मौजूदा जांच के बाद इसकी गुणवत्ता पर भी सवाल खड़ा हो गया है। निगरान कमेटी की हाई प्रोफाइल टीम द्वारा शुक्रवार को की गई जांच में सामने आया है कि डैम के पानी का सही ट्रीटमेंट नहीं किया जा रहा।
यहां लंबे समय से सॉलिड वेस्ट का निस्तारण नहीं किया गया है। यह भी पता चला है कि डैम प्रबंधन को पहले भी दो बार सॉलिड वेस्ट निस्तारण के लिए चेतावनी दी जा चुकी है। इसके बावजूद डैम से सॉलिड वेस्ट के निस्तारण को लेकर कोई कदम नहीं उठाया गया।
24 को अहम बैठक
निगरान कमेटी से मिली जानकारी के अनुसार 24 अप्रैल को एक अहम बैठक होने जा रही है। इसमें सतलुज व ब्यास के साथ ही काला सिंघा ड्रेन, चिट्टीबेयी व बुड्डा नाला के प्रदूषण पर विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने को लेकर चर्चा होगी। यह रिपोर्ट एनजीटी को सौंपी जाएगी, जिसके बाद आने वाले दिनों में सख्त कार्रवाई हो सकती है।