अब पंजाब में ही कोरोना के नए वेरिएंट का पता लग पाएगा। इस वेरिएंट की जांच के लिए पटियाला में लैब शुरू हो गई है। पहले चरण में 150 नमूनों की जांच की गई, जिसमें नए वेरिएंट का एक भी मामला नहीं मिला। पंजाब के स्वास्थ्य मंत्री बलबीर सिंह सिद्धू ने बताया कि इससे पहले राज्य सरकार द्वारा कोविड के नए वेरिएंट के संदिग्ध मरीजों के सभी नमूने एनसीडीएस दिल्ली में भेजे जाते थे, जहां कोविड के नए वेरिएंट की पुष्टि करने में एक महीने से अधिक का समय लग जाता है।
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स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि लैबोरेटरी को यूके आधारित निर्माता ऑक्सफोर्ड नैनोपोर द्वारा विकसित की गई मिनआईओएन एमके-1 सी प्राप्त हुई है। मिनआईओएन एक विशेष संक्षिप्त और पोर्टेबल यूएसबी द्वारा संचालित उपकरण है, जो डीएनए और आरएनए दोनों के रियल-टाइम विश्लेषण के जरिये नतीजों तक तुरंत पहुंचने की सुविधा देता है। जीनोम सीक्वेंसर और सहायक उपकरण यूएस आधारित गैर लाभकारी संगठन पाथ द्वारा राज्य में चलाए जा रहे कोविड-19 रिस्पॉन्स सपोर्ट के हिस्से के तौर पर दान किए गए हैं।
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क्या होगा फायदा
विशेषज्ञों के अनुसार अगर किसी विशेष क्षेत्र में कोविड के नए वेरिएंट का कोई मामला पाया जाता है तो वायरस के फैलाव को और आगे बढ़ने से रोकने के लिए सभी संदिग्ध मरीजों की कांट्रैक्ट ट्रैसिंग और टेस्टिंग करने की तुरंत जरूरत होती है। पटियाला में जीनोम सीक्वेंसिंग सुविधा से रिपोर्टें अब 5 से 6 दिनों में ही मिल जाएंगी।