फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जाट आरक्षण आंदोलन: मास्टर प्लान तैयार, इस बार पाटीदार-मराठों को जोड़ने की तैयारी

Tue, 26 Dec 2017 10:32 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक(हरियाणा)
विज्ञापन
Yashpal Malik - फोटो : File Photo
विज्ञापन
जाट आरक्षण आंदोलन को लेकर साल 2018 में प्रदेश का सियासी माहौल और ज्यादा गरम रहने के आसार हैं। क्योंकि आरक्षण न मिलने की स्थिति में केंद्र व राज्य सरकार पर दबाव बनाने के लिए जाटों ने अपने साथ गुजरात के पाटीदार व महाराष्ट्र के मराठों को जोड़ने का फैसला किया है।
विज्ञापन


बजट सत्र में जाटों को ओबीसी सूची में शामिल न करने पर दूसरे प्रदेशों में आंदोलन कर रही जातियों के साथ साझा आंदोलन छेड़ा जाएगा। जाट आरक्षण संघर्ष समिति ने अंदर खाने एक प्लान तैयार किया है। इसके तहत एक तरफ यशपाल मलिक, अशोक बल्हारा और प्रदेश कार्यकारिणी के कुछ सदस्य सरकार से बातचीत के लिए रास्ता खुला रखेंगे। दूसरी तरफ जिला स्तर पर कार्यकारिणी गांव-गांव जाकर आंदोलन की तैयारियां करेगी। 

जनवरी माह में ही गहराई से आंदोलन का प्लान फाइनल हो जाएगा। खासकर जिला पदाधिकारी दूसरे जिलों में जाकर ग्रामीणों से बातचीत करेंगे। जबकि 18 फरवरी को बलिदान दिवस पर अपने गृह जिलों में रहकर संघर्ष का बिगुल बजाएंगे।
विज्ञापन


राष्ट्रीय स्तर पर बनाएंगे रणनीति : मलिक 
गुजरात में पाटीदार व महाराष्ट्र में मराठे भी आरक्षण को लेकर आंदोलन करते रहे हैं। बजट सत्र तक अगर सरकार ने जाटों को ओबीसी कोटे में शामिल नहीं किया गया तो दूसरी जातियों के साथ आंदोलन चलाया जाएगा। 
विज्ञापन

- यशपाल मलिक, अध्यक्ष जाट आरक्षण संघर्ष समिति
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें