एनसीआर प्लानिंग बोर्ड की बैठक में मंगलवार को अहम मुद्दों पर चर्चा हुई। हरियाणा, दिल्ली, राजस्थान और उत्तर प्रदेश के विकास प्रस्ताव के आधार पर एनसीआर मास्टर प्लान-2021 बनेगा। बैठक में एनसीआर क्षेत्र घटाने-बढ़ाने के प्रस्ताव भी आए, लेकिन हरियाणा ने वर्तमान स्थिति पर संतोष जताया।
बैठक की अध्यक्षता मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने की। उन्होंने बैठक के बाद कहा कि हरियाणा का लगभग 56 फीसदी एरिया एनसीआर में आता है। 2041 के मास्टर प्लान को लेकर विचार-विमर्श किया गया। प्रदेशों की तरफ से सुझाव दिए गए। इसके आधार पर मास्टर प्लान का ड्राफ्ट बनेगा। कुछ प्रदेशों ने एनसीआर क्षेत्र को बढ़ाने को कहा तो कुछ प्रदेशों ने एनसीआर क्षेत्र घटाने के लिए अपनी बात रखी। हरियाणा में जितना एनसीआर का क्षेत्र है उतना ही रहेगा। एनसीआर प्लानिंग बोर्ड में तय हुआ है कि तमाम राज्य अपने-अपने एनसीआर के इलाकों को लेकर एक संयुक्त प्रस्ताव देंगे, जिससे कि 2041 के लिए मास्टर प्लान बनाया जा सके।
पर्यावरण को लेकर अगर किसी प्रकार की दिक्कत एनसीआर क्षेत्र में आती है तो केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय के सामने रखी जाएगी। पुराने वाहनों को हटाने का नियम एनसीआर में लागू होने पर बहुत से वाहन बड़ी संख्या में बाहर हो जाएंगे। इसको लेकर पर्यावरण मंत्रालय से बातचीत की जाएगी।
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हरियाणा में नहीं जलाई जा रही पराली
केजरीवाल के पराली जलाने वाले आरोपों पर मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि हरियाणा में किसी प्रकार की कोई पराली नहीं जलाई जा रही है। लगातार पराली खरीदने का काम कर रहे हैं। हजार रुपये प्रति एकड़ किसानों को मिल रहा है।
किस मुंह
से चुनाव लड़ रहे अभय
ऐलनाबाद उपचुनाव को लेकर बोले मुख्यमंत्री ने कहा कि गठबंधन का उम्मीदवार जीत दर्ज करेगा। अभय चौटाला से जनता प्रश्न पूछ रही है कि जिस मुद्दे पर उन्होंने सीट खाली की थी वह अभी तक कायम है। वह अब किस मुंह से चुनाव लड़ रहे हैं।