पंजाब कांग्रेस में चल रही गुटबाजी पर नवजोत सिंह सिद्धू ने अपनी प्रतिक्रया दी है। उन्होंने कहा कि पंजाब कांग्रेस कोई बर्फ की सिल्ली नहीं है, जिसे तोड़ दिया जाए। कांग्रेस देश को आजादी दिलाने वाली सबसे पुरानी पार्टी है। पार्टी में कोई गुटबाजी नहीं है। विचारों में मतभेद हो सकता है, किसी को इसे व्यक्तिगत विरोध का मुद्दा बनाने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। कांग्रेस पार्टी किसी की जागीर नहीं है।
कार्यकर्ताओं की उपेक्षा के कारण आज पार्टी की यह हालत हो गई है। वह नाराज कार्यकर्ताओं व नेताओं को घर-घर जाकर मना कर साथ लाएंगे। कांग्रेस को बदलना होगा, वरना लोग इसे बदल देंगे। पंजाब को बचाने के लिए एक अच्छी छवि वाले व्यक्ति की ही जरूरत है, जो व्यवस्था बदल सके। सिद्धू ने कहा कि आप सरकार के खिलाफ बोलने पर सुखपाल सिंह खैरा को गिरफ्तार कर लिया गया।
शिअद के राज में जत्थेदार काउंके को शहीद कर दिया गया
नवजोत सिंह सिद्धू ने शिरोमणि अकाली दल पर हमला बोला और कहा कि उन्होंने 40 साल तक पंथ के नाम पर राज किया। उनके कार्यकाल के दौरान श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार भाई गुरदेव सिंह काउंके को टुकड़े-टुकड़े करके शहीद कर दिया गया था और हत्यारों को उनका संरक्षण प्राप्त था। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि सरकारें ऐसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर सो रही हैं, जिसका न्याय अब गुरु साहिब ही करेंगे। पंजाब की जनता ने कैप्टन अमरिंदर सिंह को मुख्यमंत्री बनाकर राज्य की बागडोर सौंपी लेकिन कैप्टन पंजाब के हितों की रक्षा करने के बजाय केंद्र सरकार की गोद में बैठ गए।
राजनीतिक समझौता लोकतंत्र को बचाने की खातिर
रैली के बाद पत्रकारों ने जब नवजोत सिंह सिद्धू से पूछा कि वह पंजाब की आप सरकार पर हमला बोलते हैं जबकि उनकी पार्टी का आलाकमान आम आदमी पार्टी से समझौता करने जा रहा है। इस पर सिद्धू ने कहा कि हाईकमान देश की 28 दलों से समझौता करने जा रहा है और समझौते सिर्फ लोकतंत्र को बचाने के लिए किए जा रहे हैं। अगर लोकतंत्र नहीं बचा तो क्या बचेगा? उन्होंने कहा कि उनका भी हाईकमान जैसा ही रुख है।