नवजोत सिंह सिद्धू और प्रशांत किशोर।
पंजाब कांग्रेस के पूर्व प्रधान नवजोत सिंह सिद्धू ने मंगलवार को चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर से मुलाकात की। सिद्धू ने इस मुलाकात की जानकारी अपने ट्विटर हैंडल पर साझा की और लिखा कि अपने पुराने दोस्त पीके के साथ एक शानदार मुलाकात हुई। उन्होंने ट्वीट किया कि पुरानी शराब, पुराना सोना और पुराने दोस्त आज भी सबसे बढ़िया। नवजोत सिद्धू की प्रशांत किशोर से मुलाकात के दौरान किन मुद्दों पर चर्चा हुई, इस बारे में सिद्धू ने कुछ नहीं कहा लेकिन उनकी इस मुलाकात पर पार्टी की नजरें टिक गई हैं, क्योंकि प्रशांत किशोर ने बीते 15 दिन के दौरान पार्टी हाईकमान के साथ अपने अनुभवों को शेयर करते हुए 2024 के चुनाव में शानदार जीत के लिए कई तरीके भी सुझाए हैं। वहीं, नवजोत सिद्धू इस समय पंजाब कांग्रेस में बिल्कुल अलग-थलग पड़ चुके हैं और प्रदेश इकाई के साथ-साथ हाईकमान भी उन्हें तवज्जो नहीं दे रहा है।
प्रशांत किशोर ने कांग्रेस में शामिल होने की पेशकश ठुकराई
प्रशांत किशोर ने कांग्रेस में शामिल होने के पार्टी के प्रस्ताव को ठुकरा दिया है। उन्होंने कहा कि उनका विचार है कि कांग्रेस को संगठनात्मक स्तर पर बड़े बदलावों की जरूरत है। इसके लिए नेतृत्व में एकजुट इच्छाशक्ति होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि उन्हें कोर ग्रुप का सदस्य बनकर चुनाव की कमान संभालने की पेशकश की गई थी।
प्रशांत किशोर ने ट्वीट कर जानकारी देते हुए लिखा- मैंने ईएजी के हिस्से के रूप में पार्टी में शामिल होने और चुनावों की जिम्मेदारी लेने के कांग्रेस के उदार प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया है। उल्लेखनीय है कि प्रशांत किशोर ने पिछले 15 दिन में कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व के साथ कई बैठक की और 2024 के आम चुनाव से पहले पार्टी में सुधार के प्रस्ताव भी दिए।
किशोर ने सोनिया गांधी को 2024 के आम चुनाव के लिए एक रोडमैप के साथ एक विस्तृत प्रस्तुति दी थी। कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने मंगलवार को ट्वीट किया कि कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी ने एक अधिकार प्राप्त कार्य समूह 2024 का गठन किया और किशोर को परिभाषित जिम्मेदारी के साथ समूह के हिस्से के रूप में पार्टी में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया लेकिन उन्होंने मना कर दिया है।
उन्होंने लिखा कि प्रशांत किशोर के साथ एक प्रस्तुति और चर्चा के बाद, कांग्रेस अध्यक्ष ने उन्हें पार्टी में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया, जिसे उन्होंने अस्वीकार कर दिया। हम उनके प्रयासों और पार्टी को दिए गए सुझावों की सराहना करते हैं। सूत्रों के अनुसार प्रशांत किशोर ने कांग्रेस नेतृत्व को अपनी प्रस्तुति में सुझाव दिया है कि कांग्रेस को उत्तर प्रदेश, बिहार और ओडिशा में अकेले चुनाव लड़ना चाहिए, जबकि तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल और महाराष्ट्र में गठबंधन के साथ उतरना चाहिए। जानकारी के अनुसार राहुल गांधी ने इस पर सहमति दे दी है।