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नवजोत सिद्धू BJP और कांग्रेस के बीच फिर से चर्चा में हैं, जानिए क्या है मामला

Mon, 20 Feb 2017 09:35 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, अमृतसर(पंजाब)
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नवजोत सिद्धू ने थामा कांग्रेस का दामन
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नवजोत सिंह सिद्धू एक बार फिर भाजपा व कांग्रेस के बीच चर्चा में हैं। इस बार मामला कुछ और ही है और वह भी 8 साल पुराना। दरअसल, पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने वर्ष 2009 में लोकसभा चुनाव में भाजपा की टिकट पर उनकी जीत को चुनौती दी गई थी।
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कांग्रेस उम्मीदवार ओमप्रकाश सोनी ने याचिका दायर की थी। मामले में सोनी को आर्थिक दंड (25 हजार) मिला है और अब इसकी अगली सुनवाई 24 मार्च हो होगी। वहीं, क्योंकि अब नवजोत सिंह सिंद्धू भाजपा का दामन छोड़ कांग्रेस में आ गए हैं और कांग्रेस की टिकट पर अमृतसर ईस्ट से विधायक का चुनाव लड़ा है।

ऐसे में कांग्रेस नवजोत सिंह सिद्धू और ओमप्रकाश सोनी के बीच हाथ मिलाकर इस केस में सुलहनामा करवाने की सोच रही है। नवजोत सिंह सिद्धू उत्तर प्रदेश में कांग्रेस का प्रचार कर रहे हैं। कांग्रेस उनके लौटने का इंतजार में है। कांग्रेस नवजोत सिंह सिद्धू के साथ वो कानूनी लड़ाई भी समाप्त करना चाहती है जो पंजाब व हरियाणा हाईकोर्ट में कांग्रेस व उनके बीच चल रही है।
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दोनों की सहमति से जो फैसला होगा वो अदालत को दिया जाएगा

नवजोत सिद्धू की प्रेस कांफ्रेंस
वर्ष 2009 में लोकसभा चुनाव में भाजपा-शिअद की टिकट पर 6858 मत की जीत को कांग्रेस के उम्मीदवार ओमप्रकाश सोनी ने पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट में चुनौती दी थी पर गवाहों की लिस्ट नही दी। शुक्रवार को हाईकोर्ट ने इस मामले में ओमप्रकाश सोनी को 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।

इस फैसले के बाद कांग्रेस में इस लिए कौतुहूल का विषय बन गया है क्योंकि अब सिद्धू भी कांग्रेसी हो चुके हैं और ओमप्रकाश सोनी भी कांग्रेस के मजबूत स्तंभ माने जाते हैं। सत्ता में डिप्टी सीएम की दौड़ में भी शामिल हैं। पंजाब कांग्रेस के उपप्रधान डा. राजकुमार कहते हैं कि हर व्यक्ति का कानूनी लड़ाई लड़ना अधिकार है।

इस मामले में नवजोत सिंह सिद्धू व ओमप्रकाश सोनी दोनों की सहमति के बाद निर्णय होगा जो भी होगा उसे माननीय अदालत में सौंप दिया जाएगा। वर्ष 2009 के बाद 2014 में लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के कैप्टन अमरिंदर सिंह ने अरुण जेटली को करीब सवा लाख वोटों से शिकस्त देकर यह सीट भाजपा-शिअद से जीत ली थी।

वर्ष 2016 में कैप्टन अमरिंदर सिंह ने सांसद पद से इस्तीफा दे दिया था। वर्ष 2017 विधानसभा चुनाव के साथ अमृतसर लोकसभा सीट के उपचुनाव में कांग्रेस के गुरजीत सिंह औजला, भाजपा-शिअद के राजिंदर मोहन सिंह छीना और आम आदमी पार्टी के उपकार संधू उम्मीदवार हैं।
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