वहीं नवजोत सिद्धू के ट्वीट से नाराज कैप्टन अमरिंदर सिंह ने भी ताबड़तोड़ तीन ट्वीट दागते हुए सिद्धू को हर सवाल पर घेर लिया। पहले ट्वीट में कैप्टन ने लिखा- क्या धोखाधड़ी है और आप धोखेबाज हो! आप मेरी 15 साल पुरानी फसल विविधीकरण पहल को खेती कानूनों से जोड़ने की कोशिश कर रहे हो, जिसके खिलाफ मैं अब भी लड़ रहा हूं और जिसके साथ मैंने अपने राजनीतिक भविष्य को जोड़ा है।
कैप्टन ने दूसरे ट्वीट में लिखा- यह साफ हो गया है कि आप पंजाब और उसके किसानों के हितों के बारे में पूरी तरह अनजान हो। आप स्पष्ट रूप से फसल विविधीकरण और खेती कानूनों के बीच का अंतर भी नहीं जानते। और, फिर भी पंजाब का नेतृत्व करने का सपना देखते हो। कितना भयानक होगा, अगर ऐसा कभी हुआ।
तीसरे ट्वीट में कैप्टन ने लिखा- और वैसे यह प्रफुल्लित करने वाला है कि आपने मेरे वीडियो को ऐसे समय में पोस्ट करने के लिए चुना, जब कांग्रेस और पंजाब सरकार अपने आगामी प्रोग्रेसिव पंजाब इन्वेस्टर्स समिट को बढ़ावा देने के प्रयास कर रहे हैं। क्या आप इसका भी विरोध कर रहे हैं?
हलवारा में पंजाब के खेल और शिक्षा मंत्री परगट सिंह ने पूर्व मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह पर हमला बोलते हुए कहा कि जितना नुकसान पंजाब का अमरिंदर सिंह ने कर दिया उतना तो बादल परिवार ने भी नहीं किया था। चचराड़ी गांव स्थित श्री गुरु तेग बहादुर खेल स्टेडियम की राउंड ग्लास हॉकी अकादमी में आयोजित सम्मान समारोह में पहुंचे परगट सिंह ने आरोप लगाते हुए कहा कि सत्ता के लालची पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह बादल परिवार और बीजेपी के साथ मिलकर पंजाब को दोबारा आतंकवाद के काले दौर की तरफ धकेलने की साजिश रच रहे हैं।
कैप्टन बीजेपी के डिजाइनर मुख्यमंत्री थे जो केंद्र सरकार के कार्यक्रम को अकाली दल बादल और बीजेपी के लिए लागू करते आ रहे थे। तीनों कृषि कानून कैप्टन अमरिंदर सिंह और बादल परिवार की सहमति और साजिश का हिस्सा हैं जिन्हें पंजाब को बर्बाद करने की नियत से बनाया गया। बादल परिवार और कैप्टन अमरिंदर सिंह के परिवार ने अपने निजी हितों के लिए केंद्र सरकार से गुप्त समझौते कर तीनों कृषि कानून लागू करवाए और अब इसका विरोध कर जनता को बेवकूफ बना रहे हैं।
सिंघु बॉर्डर पर लखबीर सिंह की हत्या को गहरी साजिश करार देते हुए परगट सिंह ने पंजाब वासियों को शांति बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि बीजेपी ने सेल्फ गोल कर लिया है और इसका जवाब जनता आगामी 5 राज्यों के चुनाव में देगी। कैप्टन अमरिंदर सिंह अलग पार्टी बनाकर बीजेपी से समझौता करने का बयान देकर फंस गए हैं। उनकी साजिश बेनकाब हो गई है। तीनों कृषि कानून रद्द हो भी जाएं तो 700 से अधिक शहीद किसानों की मौत का हिसाब बीजेपी और कैप्टन अमरिंदर सिंह को देना होगा। समागम के दौरान गांव की पंचयात खेल अकादमी और अन्य संस्थाओं की तरफ से मंत्री परगट सिंह और कैप्टन संदीप संधू का सम्मान किया।