सिद्धू ने आरोप लगाया कि सूबे की पिछली सरकारों ने पूरे पंजाब को गिरवी रख दिया है। दो लाख करोड़ रुपये का कर्ज आखिरकार लोगों को ही चुकाना पड़ रहा है। पेट्रोल-डीजल पर टैक्स का जिक्र करते हुए सिद्धू ने कहा कि पंजाब सरकार की मजबूरी है कि उसे टैक्स लेना पड़ता है क्योंकि सूबे पर कर्ज की राशि बहुत बड़ी है, जिसे आसानी से चुकाया नहीं जा सकता।
वहीं, टैक्स की चोरी भी सरकार को नुकसान पहुंचा रही है। सिद्धू ने कहा कि उन्होंने राज्य सरकार को राजस्व बढ़ाने के कई सुझाव दिए हैं, जिनमें शराब की राज्य सरकार द्वारा बिक्री का सुझाव भी है। उन्होंने कहा कि निजी हाथों में शराब की बिक्री का एकाधिकार सरकार को ही चूना लगा रहा है और अगर राज्य सरकार खुद यह काम संभाल लें तो उसकी कमाई में सीधे इजाफा होगा और इस मद में टैक्स की चोरी भी रुकेगी। केबल माफिया पर लगाम लगाने की जरूरत है, आखिर केबल डालने का काम सरकारी जमीन पर हो रहा है तो सरकार को टैक्स क्यों न मिले?
रेत मुफ्त नहीं, दाम तय होने चाहिए : सिद्धू
चन्नी सरकार द्वारा रेत मुफ्त किए जाने के फैसले पर एतराज जताते हुए सिद्धू ने सवाल उठाया है कि आखिर रेत किसके लिए मुफ्त होगी? निकालने वाले के लिए या इस्तेमाल करने वाले के लिए? उन्होंने कहा कि आम लोगों तक रेत पैसे से ही पहुंचेगी, जिससे सीधा लाभ रेत निकालने वाले को होगा और सरकार को कुछ नहीं मिलेगा। उन्होंने कहा कि रेत का दाम तय होना चाहिए, जैसे शराब और अन्य वस्तुओं के दाम तय होते हैं।