पंजाब कांग्रेस प्रधान नवजोत सिंह सिद्धू की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ने वाली हैं। उनकी एनआरआई बहन सुमन तूर की शिकायत पर राष्ट्रीय महिला आयोग ने जांच का निर्देश दिया है। आयोग की तरफ से लुधियाना के डीसीपी को जांच करने को कहा गया है। डीसीपी को 15 दिन में जांच कर आयोग को रिपोर्ट देनी होगी।
पंजाब में विधानसभा चुनाव से ठीक पहले नवजोत सिंह सिद्धू पर अमेरिका में रहने वाली उनकी बड़ी बहन सुमन तूर ने गंभीर आरोप लगाए थे। सुमन तूर ने कहा था कि 1986 में पिता भगवंत सिंह की मौत के बाद नवजोत सिद्धू ने उनकी मां और बड़ी बहन को घर से निकाल दिया था। 1989 में रेलवे स्टेशन पर लावारिस हालत में मां की मौत हो गई, जबकि वह लावारिस नहीं थी। सिद्धू ने इन आरोपों पर कहा था कि उनके विरोधी राजनीति के लिए 30 साल बाद उनकी मां को कब्र से निकाल लाए हैं।
ये लगाए थे आरोप
सुमन ने आरोप लगाया था कि सिद्धू ने संपत्ति के लिए हमारी मां को मार डाला। पिता की मौत के बाद सिद्धू ने पैतृक मकान पर कब्जा कर लिया। 1987 में एक साक्षात्कार के दौरान सिद्धू ने झूठ बोला था कि उनके माता-पिता कानूनी तौर पर अलग हो गए थे। इसे लेकर उनकी मां ने सिद्धू पर केस भी किया था। सुमन ने कहा था कि जब उनकी बड़ी बहन की मौत हुई तो वह अकेली रह गईं। अपनी भांजी को अपने साथ विदेश ले गईं, जिसका आज एक स्पेशल बच्चा है लेकिन सिद्धू ने कभी उनके परिवार की सुध नहीं ली।
शिकायत में लुधियाना का पता
सुमन तूर ने राष्ट्रीय महिला आयोग में दी गई शिकायत में लुधियाना के पक्खोवाल रोड का पता दिया गया है। इस कारण से आयोग की तरफ से लुधियाना के डीसीपी को जांच करने का निर्देश दिया गया है। हालांकि लुधियाना प्रशासन की ओर से इस मामले में कुछ भी बोलने से इनकार किया जा रहा है।