‘खेल सभी के लिए, सभी के सहयोग से’ नारे के साथ सोमवार को युवा दिवस के मौके पर मुख्यमंत्री मनोहरलाल खट्टर ने हरियाणा की नई खेल नीति की विधिवत घोषणा कर दी। खेल नीति में सरकार ने हर स्तर पर पदक के लिए इनामी राशि बढ़ाकर खिलाड़ियों के लिए खजाना खोल दिया है।
ओलंपिक में सोना जीतने पर अब 5 करोड़ की जगह 6 करोड़ रुपये का नकद पुरस्कार मिलेगा। पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार की ‘पदक लाओ-पद पाओ’ नीति में भी बदलाव किया गया है। अब पदक के आधार पर पद तय होगा। एमडीयू में आयोजित कार्यक्रम में सीएम मनोहर लाल खट्टर और खेल मंत्री अनिल विज ने नई खेल नीति की घोषणा की।
प्रदेश की खेल नीति को अब खेल एवं शारीरिक उपयुक्तता नीति का नाम दिया गया है। इसमें पेंशन और बीमा योजना सहित कई नए अवार्ड भी शामिल किए गए हैं। विशेषज्ञों की मानें तो पदकवीरों के साथ भेदभाव के आरोपों से बचने के लिए सरकार ने नई खेल नीति में इनामी राशि बढ़ाने का प्रावधान किया है।
प्रतियोगिता और इनामी राशि
ओलंपिक व पैरा ओलंपिक
पदक-----------------पहले-----------अब
स्वर्ण-------------------5-------------6 करोड़
रजत-------------------3-------------4 करोड़
कांस्य-------------------2------------2.5 करोड़
(पैरा ओलंपिक में स्वर्ण पदक विजेता को 11 लाख की बजाए 15 लाख रुपये दिए जाएंगे।)
एशियन और पैरा एशियन
पदक--------------पहले-----------अब
स्वर्ण----------------2-------------3 करोड़
रजत----------------1------------1.5 करोड़
कांस्य---------------30------------75 लाख
(इन खेलों में हिस्सा लेने वाले सभी खिलाड़ियों को अब 5 से बढाकर साढे़ 7 लाख रुपये दिए जाएंगे।)
कामनवेल्थ और पैरा कामनवेल्थ
पदक--------------पहले-----------अब
स्वर्ण-----------------1------------1.5 करोड़
रजत---------------50-------------75 लाख
कांस्य----------------25-------------50 लाख
(इन प्रतियोगिताओं में पहुंचने वाले खिलाड़ियों को 5 लाख की बजाय अब 7.5 लाख रुपये दिए जाएंगे।)
विश्व कप प्रतियोगिताएं
पदक--------------पहले-----------अब
स्वर्ण---------------10-----------25 लाख
रजत----------------8-----------20 लाख
कांस्य---------------6-----------15 लाख
(प्रतियोगिता में शामिल होने वाले खिलाड़ियों को 7.5 लाख रुपये दिए जाएंगे।)
किस स्तर पर कितनी राशि
राष्ट्रीय स्कूल खेलों में
स्वर्ण पदक विजेता को 30 हजार से बढ़ाकर 50 हजार रुपये, रजत विजेता को 20 हजार की बजाय 30 हजार और कांस्य पदक विजेता को 14 हजार की बजाय 20 हजार रुपये दिए जाएंगे।
ऑल इंडिया इंटर यूनिवर्सिटी प्रतियोगिताओं में
स्वर्ण पदक पर 30 की बजाय अब 50 हजार रुपये मिलेंगे। रजत पर 20 से बढ़ाकर 30 हजार और कांस्य पदक विजेता को 14 हजार से बढ़ाकर 20 हजार रुपये दिए जाएंगे।
राष्ट्रीय महिला खेल पर्व
स्वर्ण पदक विजेता को 30 की बजाय 50 हजार रुपये, रजत पर 20 से बढ़ाकर 30 हजार और कांस्य पदक विजेताओं को 14 हजार रुपये से बढ़ाकर 20 हजार रुपये दिए जाएंगे।
अखिल भारतीय ग्रामीण खेल प्रतियोगिताओं में
स्वर्ण पदक जीतने वाले को 30 हजार रुपये से बढ़ाकर 50 हजार, रजत विजेता को 20 की बजाय 30 हजार और कांस्य पदक विजेता को 14 की बजाय 20 हजार रुपये दिए जाएंगे।
अंतरराष्ट्रीय वयोवृद्ध (मास्टर) एथलेटिक प्रतियोगिता (सभी आयु वर्ग में)
स्वर्ण पदक विजेता को 70 हजार की बजाय एक लाख, रजत विजेता को 50 हजार से बढ़ाकर 60 हजार रुपये और कांस्य पदक विजेता को 30 हजार से बढ़ाकर 40 हजार रुपये दिए जाएंगे।
राष्ट्रीय वयोवृद्ध (मास्टर) एथलेटिक प्रतियोगिता (सभी आयु वर्ग में)
स्वर्ण पदक जीतने पर अब 30 हजार के बजाय 75 हजार रुपये दिए जाएंगे। रजत पदक विजेता को 20 हजार रुपये की बजाय 50 हजार और कांस्य पदक विजेता को 14 हजार रुपये की बजाय 30 हजार रुपये दिए जाएंगे।
विशेष ओलंपिक विश्व खेल मंदबुद्धि खिलाड़ी प्रतियोगिता
स्वर्ण पदक जीतने वाले को 15 लाख, रजत पर 10 और कांस्य पदक विजेता को 5 लाख रुपये दिए जाएंगे। प्रतियोगिता में भाग लेने वाले खिलाड़ियों को एक लाख की बजाय 2 लाख रुपये दिए जाएंगे।
विश्व मैराथन में मंदबुद्धि और नि:शक्त खिलाड़ी प्रतियोगिता
स्वर्ण पदक जीतने पर अब 1 लाख रुपये की बजाय 3 लाख, रजत पदक विजेता को 75 हजार रुपये से बढ़ाकर दो लाख रुपये दिए जाएंगे। कांस्य पदक विजेता को 50 हजार से बढ़ाकर एक लाख रुपये दिए जाएंगे। शामिल होने वाले खिलाड़ियों को 50 हजार मिलेंगे।
विशेष ओलंपिक (राष्ट्रीय) मंदबुद्धि और निशक्त खिलाड़ी प्रतियोगिता
स्वर्ण पदक विजेता को 30 की बजाय अब 50 हजार रुपये दिए जाएंगे। रजत पदक विजेता को 20 हजार की बजाय 30 हजार और कांस्य पर 14 हजार की बजाय 20 हजार रुपये दिए जाएंगे।
एवरेस्ट फतह करने पर अब 11 लाख रुपये
प्रदेश की नई खेल नीति के तहत अब माउंट एवरेस्ट पर चढ़ने वाले पर्वतारोही को 5 लाख रुपये की बजाय 11 लाख रुपये दिए जाएंगे।
खिलाड़ियों को मिलेगा हुडा और हाउसिंग बोर्ड में कोटा
मंच से खेल मंत्री अनिल विज ने नई खेल नीति को खेल क्रांति का नाम दिया। उन्होंने सीएम से राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों के लिए हुडा व हाउसिंग बोर्ड में कोटा दिए जाने की मांग की। मांग पर सीएम ने अपनी सहमति भी मौके पर ही दे दी।
स्पैट का नाम अब स्पीड, स्वरूप का होगा विस्तार
खट्टर सरकार ने कांग्रेस की खेल नीति में शामिल स्पैट का नाम बदल दिया है और इसमें एक चरण और जोड़ा गया है। स्पैट (स्पोर्ट्स एंड फिजिकल एप्टीट्यूट टेस्ट) को बदलकर अब स्पीड (स्पोर्ट्स एंड फिजिकल एक्सरसाइज इवेल्यूएशन एंड डेवलपमेंट) टेस्ट कर दिया गया है।
घोषणा के दौरान खेल मंत्री अनिल विज ने कांग्रेस की स्पैट योजना को कागजी कहा और इस योजना को और ज्यादा प्रासंगिक बनाने की बात कही। कहा कि पिछली सरकार ने स्पैट पास करने वालों को स्कॉलरशिप दी। तीन चरणों के टेस्ट के बाद यह स्कॉलरशिप दे दी जाती थी।
करीब पांच हजार खिलाड़ियों को स्कॉलरशिप दी जाती रही है। लेकिन यह नहीं देखा गया कि जिन्हें स्कॉलरशिप मिली वे खेल भी रहे हैं या नहीं। खेलों को प्रारंभिक रूप में बढ़ावा देने की बात पिछली सरकार ने की थी, हम इस योजना का विस्तार करके लाए हैं। स्पीड में चौथा चरण जोड़ा गया है।
चयन होने के बाद इस चौथे चरण में खिलाड़ी से उसकी रुचि और क्षमता के आधार पर खेल चयन कराया जाएगा। खेल चयन करने के बाद उसे उस खेल की नर्सरी में तैयार किया जाएगा। खेल मंत्री ने कहा कि यह छात्रवृत्ति उसी को दी जाएगी जो खेलेगा।