फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हाईकोर्ट को लैपटॉप पर दिखाए मुरथल गैंगरेप के फोटो-वीडियो

Thu, 05 May 2016 12:43 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
विज्ञापन
मुरथल गैंगरेप केस - फोटो : getty
विज्ञापन
जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान मुरथल में क्या हुआ, बुधवार को एमाईक्स क्यूरी ने इसके फोटो-वीडियो हाईकोर्ट को दिखाए। एमाईक्स क्यूरी एडवोकेट अनुपम गुप्ता ने एक लैपटाप में इसके साक्ष्य डिवीजन बेंच के सदस्य जजों को बंद चैंबर में बताए।
विज्ञापन


इस दौरान एसआईटी प्रमुख आईजी ममता सिंह, हरियाणा सरकार के वकील और एक वरिष्ठ पत्रकार भी चैंबर में मौजूद रहे। फिलहाल जस्टिस एसएस सारों व जस्टिस गुरमीत राम की डिवीजन बेंच ने एसआईटी को जांच जारी रखने और इसकी स्थिति रिपोर्ट अगली सुनवाई 30 मई को पेश करने का निर्देश दिया है।

एमाईक्स क्यूरी ने बेंच से आग्रह किया कि सरकार की ओर से अधिकारियों की भूमिका की परख के लिए बनाई प्रकाश सिंह कमेटी की रिपोर्ट पर भी सरकार शायद कोई कार्रवाई न करे, इसलिए यह रिपोर्ट हाईकोर्ट में तलब की जानी चाहिए।
विज्ञापन


बेंच ने कमेटी की रिपोर्ट की एक कापी अगली सुनवाई पर हाईकोर्ट में पेश करने का निर्देश दिया है। वैसे एडवोकेट गुप्ता ने एसआईटी की जांच हाईकोर्ट की निगरानी के दायरे में लाने का सुझाव भी दिया, लेकिन बेंच ने अभी इस पर कोई फैसला नहीं लिया है।
विज्ञापन

सुखदेव ढाबा के मालिक अमरीक सिंह के बयान नहीं

मुरथल के कथित गैंग रेप मामले में गवाह बॉबी जोशी को लेकर सुखदेव ढाबे पर पहुंची एसआईटी की टीम। - फोटो : amarujala
एसआईटी ने अब तक की जांच रिपोर्ट हाईकोर्ट में पेश की और बताया कि अब तक जाट आंदोलन से संबंधित 2120 मामले दर्ज किए गए हैं और इन मामलों में 470 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया जा चुका है। एसआईटी प्रमुख आईजी ममता सिंह ने बेंच को यह भी बताया कि उन्होंने स्वयं 153 लोगों के बयान दर्ज किए हैं।

उधर एमाइक्स क्यूरी ने कहा कि जांच टीम ने सभी के बयान दर्ज किए, लेकिन मुरथल में कथित यौण शोषण संबंधी इलेक्ट्रानिक्स मीडिया के सामने बयान दे चुके सुखदेव ढाबा के मालिक अमरीक सिंह के बयान नहीं लिए। उल्लेखनीय है कि अमरीक सिंह बाद में मुकर गए थे कि उन्होंने गैंग रेप संबंधी कोई बयान नहीं दिया।

फिलहाल बेंच ने कोई ताजा निर्देश जारी नहीं करते हुए जांच की स्थिति रिपोर्ट मांगी है। यह भी कहा है कि सरकार की ओर से गठित किए गए आयोग की जांच निष्पक्ष चलनी चाहिए और इसमें किसी तरह का हस्तक्षेप न हो।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें