रॉबर्ट वाड्रा, अशोक खेमका और मनोहर लाल खट्टर
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हरियाणा के कांग्रेस विधायक ने आरोप लगाया है कि राबर्ट वाड्रा के खिलाफ झूठा केस बनाने के एवज में प्रदेश के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर और वरिष्ठ आईएएस अधिकारी अशोक खेमका के बीच साठगांठ हुई है। दलाल ने इस बारे में राज्यपाल को पत्र लिखकर खेमका पर लगे आरोपों की सीबीआई से जांच कराने की मांग की है।
बुधवार के एक प्रैस कांफ्रेंस में राज्यपाल को लिखा पत्र जारी करते हुए कांग्रेस विधायक कर्ण दलाल ने आरोप लगाया कि इस साठगांठ के चलते ही अशोक खेमका को न सिर्फ प्रमोशन दिया गया बल्कि उनके हरियाणा वेयरहाउसिंग कारपोरेशन का प्रबंध निदेशक रहते हुए की गई अनियमितताओं की जांच से भी उन्हें दूर रखा गया है।
उन्होंने कहा कि विभागीय जांच और फिर 2015 में आई कैग की जांच रिपोर्ट में भी खेमका पर उंगली उठाई गई है। इसके बावजूद खट्टर सरकार इस ?अधिकारी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कर रही। उन्होने कहा कि खट्टर और खेमका दोनों ही खुद को ईमानदार और भ्रष्टाचार विरोधी बताते हैं लेकिन राबर्ट वाड्रा को झूठे मामले में फंसाने के लिए दोनों ने ही हाथ मिला लिया है।
दलाल ने कहा कि करीब सवा साल से प्रदेश सरकार खेमका के खिलाफ जांच रिपोर्ट के दबाए बैठी है। उन्होंने सवाल उठाया कि सरकार सीबीआई जांच से क्यों डर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार खेमका का इस्तेमाल कर रही है, इसलिए उन्हें गलत तरीके से प्रमोशन भी दे दिया गया है।
उन्होंने कहा कि सरकार ने मामला विधानसभा की पब्लिक अंडरटे?किंग कमेटी के हवाले कर दिया है और उनकी रिपोर्ट आने का बहाना बनाया जा रहा है। दलाल ने कहा कि खेमका को पहले खुद पर लगे आरोपों से पाक साफ निकलना चाहिए, उसके बाद ही वे किसी अन्य व्यक्ति पर आरोप लगाएं।