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चंडीगढ़ : खाली पड़ी संपत्ति से राजस्व लाने की योजना, 95.3 करोड़ की संपत्ति का नगर निगम घटाएगा आरक्षित मूल्य

Tue, 24 Aug 2021 02:42 AM IST
Trainee Trainee नवदीप मिश्रा, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

हाउसिंग बोर्ड की तर्ज पर नगर निगम भी अपनी खाली पड़ी संपत्ति से राजस्व लाने की योजना बना रहा है। निगम के एस्टेट ब्रांच की ओर से तैयार की गई सूची में 168 बूथ, 1 दुकान, 1 ऑफिस, 20 एससीएफ और एक साइट खाली है। इनका आरक्षित मूल्य काफी ज्यादा है। इस कारण लोगों इसमें रुचि नहीं दिखा रहे हैं। इसकाे देखते हुए नगर निगम अब आरक्षित मूल्य कम करने की याेजना बना रहा है।
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नगर निगम चंडीगढ़ - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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हाउसिंग बोर्ड की तर्ज पर नगर निगम भी अपनी खाली पड़ी संपत्ति से राजस्व लाने की योजना बना रहा है। शहर में निगम की 95 करोड़ 30 लाख 80 हजार रुपये की संपत्ति बेकार पड़ी है। वहीं, शहर व गांव की कुछ संपत्तियों पर कानूनी दांवपेच फंसा है। निगम आगामी सदन की बैठक में पूरी रिपोर्ट देकर इन संपत्तियों का आरक्षित मूल्य कम करने का प्रस्ताव रखेगा।

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निगम के एस्टेट ब्रांच की ओर से तैयार की गई सूची में 168 बूथ, 1 दुकान, 1 ऑफिस, 20 एससीएफ और एक साइट खाली है। इनका आरक्षित मूल्य काफी ज्यादा है। निगम ने इसके लिए कई बार बोली भी लगवाई है, लेकिन भीड़भाड़ से दूर इलाकों में ज्यादा दाम होने के कारण लोगों इसमें रुचि नहीं दिखा रहे हैं। इस कारण निगम की संपत्ति जर्जर हो रही है।

अब निगम अपनी संपत्तियों का आरक्षित मूल्य सामान्य संपत्ति से कम कर बोली लगवाएगा, ताकि लोग इस ओर आकर्षित हों। वहीं, बेचने वाली संपत्ति को भी कोई किराए पर लेना चाहेगा तो वह भी देने की अनुमति मांगेगा। जुलाई माह की सदन की बैठक में निगम की संपत्तियों को लेकर मुद्दा उठा था। इस दौरान सदन ने निगम को अपनी संपत्ति का ब्योरा तैयार करने को कहा था।

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25 संपत्तियों पर ही कानूनी दांव पेंच
गांव की 25 संपत्तियों पर कानूनी दांवपेंच फंसा है। इसमें सेक्टर- 52 व 53, मोटर मार्केट, सबवे सेक्टर- 17/22 की दुकान नंबर 14, विलेज कजहेड़ी की दुकान नंबर एक, दो, चार, पांच, 10, बुटरेला की दुकान नंबर 6, 9, 8, मलोया की दुकान नंबर एक, 2, 4, 5, 6, 7, 8, 9, 13 और पलसोरा की एक साइट शामिल है। पूर्व सलाहकार मनोज परिदा ने इन संपत्तियों के जल्द निस्तारण का आदेश भी दिया था, लेकिन हुआ कुछ नहीं।

इस तरह है खाली संपत्ति का ब्योरा       

संपत्ति जगह आरक्षित मूल्य
105 बूथ विकास नगर 15.75 लाख से 18.42 लाख तक
11 दुकान सेक्टर- 17 68.90 लाख
40 बूथ सेक्टर- 17 59.70 लाख से 102.18 लाख तक
ऑफिस सेक्टर- 17 7500 स्क्वायर फीट में 90 रुपये प्रति स्क्वायर फीट
15 बूथ मनीमाजरा भूतल के साथ 37.73 लाख, भूतल के बिना 12.75 लाख
8 बूथ सेक्टर- 39 140.47 लाख से 34.14 लाख तक
20 एससीएफ मनीमाजरा 340 लाख
1 साइट मनीमाजरा 81.07 करोड़
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यह करेगा निगम

  • संपत्ति बेचने के बाद मरम्मत कराएगा
  • बाजार मूल्य के आधार पर अपनी संपत्ति के दाम घटाएगा
  • विवादित संपत्तियों के निस्तारण के लिए योजना बनाएगा
  • बेचने वाली संपत्ति को भी किराए पर देने का विचार करेगा
  • संपत्तियों को मांग के अनुसार लीज से फ्री होल्ड करने की मांग करेगा
हाउसिंग बोर्ड ने उठाए यह कदम
हाउसिंग बोर्ड ने हाल ही में अपनी 30 साल पुरानी संपत्तियों का निस्तारण किया है। इसके लिए बोर्ड ने अपनी दुकानों का 10 प्रतिशत आरक्षित मूल्य कम किया। साथ ही दुकानों की मरम्मत करवाकर उनका सौंदर्यीकरण कराया। इसके अलावा खरीदारों को संपत्ति के अंदर ले जाकर उसकी खासियत बताई, ताकि संपत्ति लेने में उनकी रुचि बढ़े।

सदन के निर्देश पर हमने संपत्तियों का ब्योरा तैयार कर लिया है। सदन के सामने वर्तमान दाम भी रखेंगे। अनुमति मिली तो आरक्षित मूल्य कम कर देंगे। साथ ही अन्य संपत्तियों को सदन के फैसले के अनुसार निस्तारित करेंगे। -एसके जैन, अतिरिक्त आयुक्त, नगर निगम

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