तीन दिनों से बीमार चल रहे जेल में बंद माफिया मुख्तार अंसारी की तबीयत गुरुवार रात अचानक बिगड़ गई थी। मुख्तार को एंबुलेंस से दोबारा मेडिकल कॉलेज ले जाया गया। बताया जा रहा है कि मुख्तार को दिल का दौरा पड़ा था। रात में अस्पताल में उसका निधन हो गया।
करीब ढाई साल से बांदा जेल में बंद माफिया मुख्तार अंसारी की गुरुवार देर रात हार्ट अटैक से मौत हो गई। मुख्तार अंसारी पर जनवरी, 2019 में मोहाली के एक बिल्डर की शिकायत पर 10 करोड़ की रंगदारी मांगने का केस दर्ज किया गया था।
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मोहाली पुलिस मुख्तार अंसारी को प्रोडक्शन वारंट पर उत्तर प्रदेश से मोहाली लाई थी। जिसके बाद उसे न्यायिक हिरासत में रोपड़ जेल भेज दिया गया था। वह 26 महीने तक रोपड़ जेल में रहा। दो साल में उत्तर प्रदेश पुलिस की टीम आठ बार अंसारी को लेने पंजाब गई, लेकिन हर बार सेहत, सुरक्षा और कोरोना का कारण बताकर पंजाब पुलिस ने उसे सौंपने से इनकार कर दिया।
पंजाब पुलिस डॉक्टर की सलाह का हवाला देती रही कि अंसारी को डिप्रेशन, शुगर और रीढ़ की बीमारियां हैं। ऐसे में उसे कहीं और शिफ्ट करना ठीक नहीं है। कानपुर में बिकरू कांड के आरोपी विकास दुबे के एनकाउंटर के बाद अंसारी ने भी जान का खतरा बताया था। उसने चिट्ठी लिखकर आशंका जताई थी कि जैसे दुबे की जीप पलट गई और जान चली गई, ऐसे मेरी भी जा सकती है। वहीं, विपक्ष ने आरोप लगाया था कि पंजाब में उसे जेल में सुविधाएं दी जा रही हैं। अंसारी को मोहाली कोर्ट में प्राइवेट एंबुलेंस में पेश करने पर भी काफी विवाद हुआ था। हालांकि, एडीजीपी जेल पीके सिन्हा ने स्पष्ट किया है कि एंबुलेंस बुलेटप्रूफ नहीं है।