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चंडीगढ़ः कैट टॉपर्स का युवाओं को संदेश- मॉक टेस्ट में कम अंक आएं तो अधिक मेहनत करें

Sun, 05 Jan 2020 06:27 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
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कैट टॉपर्स
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कैट के टॉपर्स ने युवाओं का संदेश दिया है कि बिना कड़ी मेहनत और लगन के कुछ नहीं हासिल होता है। लक्ष्य निर्धारण के बाद उस पर फोकस जरूरी है। कैट की पढ़ाई के दौरान कई संस्थानों की ओर से आयोजित किए जाने वाले मॉक टेस्ट में जरूर हिस्सा लें और अभ्यास बार-बार करें। यदि उसमें कम अंक आते हैं तो घबराएं नहीं, इसका मतलब यह नहीं कि आपका चयन मुख्य परीक्षा में नहीं होगा लेकिन मेहनत और कड़ी करनी होगी। अधिकांश टॉपर्स इंजीनियरिंग की पढ़ाई में लगे हैं तो कुछ बीकॉम व सिविल सर्विसेज की लेकिन उनकी प्राथमिकता एमबीए करना है। 

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महिलाओं व बच्चों को मजबूत कर रही हैं मन्नत
ट्राइसिटी की टॉपर मन्नत कौर पढ़ाई के साथ साथ एनजीओ संचालित कर रही हैं। इसका नाम स्पार्क्स रखा है। इसके जरिये वे महिला सशक्तिकरण व बच्चों की मजबूती के लिए काम कर रही हैं। उनके पिता मोहाली निवासी स्वरूप सिंह हैं, अकाउंट जनरल हरियाणा हैं। मां इंद्रजीत कौर बैंक अफसर हैं। मन्नत कहती हैं कि मॉक टेस्ट में अंक अच्छे मिलते रहे। तैयारी अच्छी की। कहती हैं कि पीयू के होशियारपुर सेंटर से बीटेक कर रही हैं। उनकी तमन्ना एमबीए करने की थी और उनका चयन हो गया। कहती हैं सेल्फ स्टडी भी जरूरी है।

सफलता के लिए समर्पण बहुत जरूरी
कुरुक्षेत्र की रहने वाली अनन्या का कहना है उन्होंने कैट में सफलता के लिए मॉक टेस्ट में हिस्सा लिया था। घर पर रहकर पढ़ाई की थी। यदि लक्ष्य पर फोकस करते हुए पढ़ाई को पूरा समय समर्पित करेंगे तो सफलता मिलेगी। उनके पिता असीम मदान बिजनेसमैन और मां अनू मदान हाउस वाइफ हैं। अनन्या कहती हैं कि वह कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से बीएससी कर रही हैं। उनकी इच्छा एमबीए करने की है इसलिए तैयारी में जुटी थीं और सफलता मिल गईं।

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आखिरी तक पढ़ाई करना जरूरी

मोहाली निवासी तेजस नागपाल पेक से बीटेक कर रहे हैं। उनके पिता संजीव नागपाल बीबीएनएल में जॉब करते हैं। माता रश्मि नागपाल सरकारी स्कूल में प्रिंसिपल हैं। तेजस कहते हैं कि कैट की परीक्षा के लिए मैंने आखिरी तक पढ़ाई की थी। निरंतर अध्ययन करना जरूरी है। बीच में पढ़ाई तोड़नी नहीं चाहिए। लक्ष्य मेरा एमबीए करने का ही है। कहते हैं कि पढ़ाई का सही समय मेरे अनुसार रात को होता है। उस समय कोई डिस्टर्ब नहीं करता है। 

मूड फ्रेस के लिए कुछ देर मोबाइल पर गेम खेलें
फतेहगढ़ साहिब के रहने वाले नवजोबन सिंह को 97.21 परसेंटाइल अंक मिले हैं। उनके पिता गुरमीत सिंह सरकारी जॉब में हैं। उन्होंने एसडी कॉलेज चंडीगढ़ से बीकॉम किया है। साथ ही चंडीगढ़ से ही 12वीं पास की है। नवजोबन कहते हैं कि कैट की तैयारी के लिए कोचिंग भी जरूरी है, इससे रास्ते साफ हो जाते हैं और कॉन्सेप्ट क्लियर होने से तैयारी आसानी से हो जाती है। कहते हैं कि पढ़ाई निरंतर की थी लेकिन मूड फ्रेस करने के लिए मोबाइल पर कुछ देर गेम जरूर खेला था।

अपनी कमजोरी को ठीक करना जरूरी
चंडीगढ़ के सेक्टर 35 निवासी बिजनेसमैन ऋषि साहनी की बेटी चांदनी ने कैट में 97.06 परसेंटाइल अंक लिए हैं। चांदनी कहती हैं कि मां अनू साहनी ने इसकी तैयारी के लिए काफी मदद की। मैं पढ़ाई के साथ-साथ इवेंट कंपनी भी चलाती रही। परीक्षा का पूरा सपोर्ट मिला। कैट की तैयारी के लिए छह से 12 माह पर्याप्त हैं लेकिन मेहनत कड़ी करनी होगी। इसमें लापरवाही नहीं होनी चाहिए। साथ ही अपनी कमजोरी को समय से पहले ठीक करना चाहिए।

सिविल सर्विसेज की तैयारी कर रहे हैं साहिल

बठिंडा निवासी सेवानिवृत्त इंजीनियर ज्ञानचंद सिंगला के बेटे साहिल सिंगला दिल्ली में रहकर सिविल सर्विसेज की तैयारी कर रहे हैं लेकिन उनकी इच्छा एमबीए करने की है जो पूरी हुई। कहते हैं कि आईआईएम अहमदाबाद में एडमिशन लेने की इच्छा है। शिक्षकों, परिवार व दोस्तों का पूरा सपोर्ट मिला है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2014 में उन्होंने ट्रिपल आईटी हैदराबाद से बीटेक किया था। कहते हैं कि पढ़ाई के समय सोशल मीडिया का प्रयोग कम किया। केवल पढ़ाई के लिए बनाए गए वाट्सएप ग्रुप चलाए थे।

कोचिंग से मिलती है मदद, समाचार पत्रों को भी पढ़ें 
पटियाला निवासी मुक्तेश सिंह आनंद कहते हैं कि कैट की तैयारी के लिए कोचिंग ली थी और उससे काफी हद तक मदद मिली। इससे पढ़ाई की गति ठीक होती है और रास्ता साफ होता है। कहते हैं कि पिता जगपाल सिंह आनंद पटियाला में इंजीनियर हैं। उन्होंने काफी मदद की और सफल हुए। उनका कहना है कि मैथ व अंग्रेजी के पेपर के लिए अधिक मेहनत करें। साथ ही कुछ अलग बुक और समाचार पत्रों को भी पढ़ना चाहिए। मुक्तेश वर्तमान में थापर विश्वविद्यालय से बीई कर रहे हैं। 

पढ़ाई में निरंतरता जरूरी
मोहाली सेक्टर- 69 निवासी अनुभव ओझा कहते हैं कि कैट की पढ़ाई के लिए निरंतरता जरूरी है। सभी को धीरे धीरे पढ़ाई लगातार करती रहनी चाहिए। एक साथ बोझ पड़ेगा तो उससे दिमाग प्रभावित होगा। कहते हैं कि पिता प्रेम ओझा एक कंपनी में सीईओ हैं। मां आराधना ओझा लुधियाना के पास एक सरकारी स्कूल में प्रधानाचार्य हैं। वह वर्तमान में पैक से इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहे हैं। कहते हैं कि सोशल मीडिया का वह प्रयोग करते हैं लेकिन अधिक समय के लिए नहीं।
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अभ्यास और निरंतरता बेहद जरूरी

संगरूर निवासी बिजनेसमैन कृष्ण गोपाल के बेटे पीयूष गर्ग ने कैट की परीक्षा में 99.37 परसेंटाइल अंक पाए हैं। पीयूष कहते हैं कि सबसे पहले युवाओं को वही लक्ष्य तय करना चाहिए, जिसमें उनकी जाने की इच्छा है। अपनी पसंद से फील्ड चुने। कैट की परीक्षा के लिए अभ्यास जरूरी है। पढ़ाई में निरंतरता जरूरी है। कहते हैं कि एसडी कॉलेज से बी-कॉम किया है। एमबीए करने की इच्छा थी जो अब पूरी हुई। इस सफलता में माता-पिता, परिवार के सदस्य, शिक्षक, दोस्त सभी का योगदान रहा है। 

अरु गोयल पीयू से कर रही हैं बीडीएस
मूलत: मेरठ निवासी अनिल कुमार गोयल की बेटी अरु गोयल ने कैट में 98.14 परसेंटाइल अंक पाए हैं। कहती हैं कि मां रूपाली गोयल ने पढ़ाई के लिए काफी मदद की। पिता प्राइवेट जॉब करते हैं। पंचकूला के सेक्टर- 20 में कई वर्षों से निवास कर रहे हैं। वह कहती हैं कि कैट की तैयारी हो या फिर अन्य फील्ड की, उससे पहले गाइडेंस लेना जरूरी है और उसके बाद तैयारी शुरू कर दें। मैंने कैट की तैयारी के लिए मॉक टेस्ट में बेहतर प्रदर्शन किया। मैं पीयू के डेंटल कॉलेज से बीडीएस कर रही हूं, अभी इंटर्नशिप चल रही है।
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