मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने दावा किया है कि कॉरिडोर पाक की खुफिया एजेंसी की साजिश है, तब से कॉरिडोर को केंद्र सरकार काफी गंभीरता से ले रही है। अब मंजीत कौर के घटनाक्रम के बाद एजेंसियों के अधिकारियों के माथे पर बल पड़ गए हैं। 20 वर्ष की मंजीत कौर नवंबर के अंतिम हफ्ते में करतारपुर कॉरिडोर से गुरुद्वारा दरबार साहिब पहुंची थी।
यह पहली घटना है जिसमें किसी भारतीय सिख महिला ने 9 नवंबर को करतारपुर कॉरिडोर खुलने के बाद से इस सीमित क्षेत्र से बाहर निकलने का प्रयास किया। पाक मीडिया इस बात को लगातार कह रहा है कि लड़की दो दिन पाक में रही है, लेकिन कॉरिडोर के आंकड़े बताते हैं कि जिस दिन जितने यात्री गए, उतने ही लौटे हैं।
उनके फिंगर प्रिंट और फोटो तक सब ठीकठाक था। ऐसे में यह कैसे हो सकता है कि लड़की दो दिन पाक में रही। इस घटना के बाद एजेंसियों ने अपना फोकस कॉरिडोर पर कर दिया है।
वहीं शुक्रवार को मूल रूप से लुधियाना के साहनेवाल निवासी अमेरिकन सिटीजन अमृत सिंह पासपोर्ट लेकर टर्मिनल पर आ गया। बीएसएफ ने गेट नंबर एक व दो से उसको अंदर जाने नहीं दिया और कहा कि आप गृह मंत्रालय से ट्रेवल डाक्यूमेंट नहीं लेकर आएं, जो आपको ऑनलाइन आवेदन कर मिलेगा।
अमृत सिंह काफी समय तक बाहर बनी वेटिंग चेयर पर बैठा रहा। अचानक वह नजर चुराकर गेट नंबर चार से अंदर घुस गया। बीएसएफ के जवानों को इसकी भनक ही नहीं लगी। अमृत सिंह आउट गेट से अंदर घुसा और सीधा उस गेट के पास जा पहुंचा जहां से आगे उसको पाक के गेट की तरफ भेजना था।
इसी दौरान इमिग्रेशन अधिकारियों की नजर उस पर पड़ गई और उसे डेरा बाबा नानक पुलिस को सौंप दिया गया। बाद में उसे छोड़ दिया गया।
करतारपुर कॉरिडोर को दिल्ली के अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट जैसा तैयार किया जा रहा है। नए वेटिंग हॉल के अलावा फूड कोर्ट भी लगभग फाइनल स्टेज पर है। इसमें यात्री को अहसास होगा कि वह अंतरराष्ट्रीय स्थल पर हैं। नौ नवंबर को करतारपुर कॉरिडोर को शुरू कर दिया गया लेकिन सुविधाएं न के बराबर थीं।
अब नया शेड बिलकुल अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट की तर्ज पर डाला जा रहा है। इसके अलावा एक शानदार फूड कोर्ट और कैंटीन लगभग तैयार हो चुकी है, जहां पर सीसीडी कॉफी से लेकर अन्य खाने पीने का सामान मिलेगा। कैंटीन व फूड कोर्ट में बैठने की क्षमता करीब 500 है, जिसमें अलग-अलग स्टॉल लगाए जाएंगे।
सेना और बीएसएफ के अलावा आईबी और रॉ के अधिकारियों के लिए कमरे तैयार किए जा रहे हैं ताकि वह पूरी मॉनिटरिंग कर सकें।