प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा गोरक्षकों पर उठाए गए सवाल के बाद हरियाणा सरकार रिव्यू के मोड में आ गई है। दो बड़े फैसले लिए गए हैं। दरअसल, प्रदेश सरकार ने नकली गोरक्षकों की पहचान के लिए जांच पड़ताल शुरू कर दी है। सभी गोरक्षकों की पुलिस वेरिफिकेशन होगी। इसके बाद असली गोरक्षकों को हरियाणा गोसेवा आयोग की ओर से परिचय पत्र (आईडी कार्ड) जारी किए जाएंगे।
आयोग के चेयरमैन भानी राम मंगला ने कहा कि प्रधानमंत्री के बयान के बाद हरियाणा ने असली और गोरक्षकों की पहचान संबंधी पहल की है। गोरक्षकों और दलों की सूची मंगवाई गई है। अब तक करीब 100 आवेदन मिले हैं, लेकिन पुलिस वेरिफिकेशन के बाद ही गोरक्षकों या गोरक्षक दल को आईडी कार्ड जारी किए जाएंगे।
चेयरमैन ने कहा कि गोरक्षक केवल गोवंश की रक्षा के लिए पुलिस को सूचना दे सकते हैं या ऐसी गतिविधियों को रोकने में पुलिस की सहायता कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि यह अधिकार किसी आम नागरिक को भी होगा। उन्हें किसी भी स्थिति में कानून हाथ में लेने का हक नहीं है। गोरक्षा के नाम पर किसी भी अन्य गतिविधि में लिप्त लोगों से आयोग का कोई लेना-देना नहीं होगा।