नवजोत सिंह सिद्धू ने कहा है कि उनकी प्राथमिकता संयुक्त किसान मोर्चा की जीत है। उन्होंने कहा कि वे इस मोर्चे को बीते एक साल से पवित्र मोर्चा कहते रहे हैं, क्योंकि यह मोर्चा हमारे संविधान की आवाज है और उस आवाज को बुलंद कर रहा है। उन्होंने कहा कि किसान मोर्चा ने देश के सभी वर्गों को एक सूत्र में पिरोया है और किसानों का आंदोलन स्थल मेरे लिए धर्मस्थली है। इसमें शामिल प्रत्येक बुजुर्ग मेरे माता-पिता हैं और मैं इनके पास नंगे पांव जाने को तैयार हूं।
सिद्धू ने कहा कि वह संयुक्त किसान मोर्चा से आशीर्वाद लेना चाहता हैं और उनसे पूछना चाहते हैं कि हमारी राज्य सरकार उनकी जीत के लिए क्या सहयोग कर सकती है। सिद्धू ने आगे कहा कि 25 साल से लागत बढ़ रही है, उपज घट रही है और आमदनी भी घट रही है, जो किसानों को आंदोलन करने पर मजबूर कर रही है। सिद्धू ने दावा किया कि यह सामाजिक और ऐतिहासिक आंदोलन एक आर्थिक ताकत में तब्दील होगा।
उन्होंने कहा कि हर किसान को सम्मान की रोटी मिले, इसलिए मैं इस किसान आंदोलन की अहमियत को समझता हूं। इसका हल बहुत जरूरी है। उन्होंने दोहराया कि किसान मोर्चा जब भी उन्हें बुलाएगा, वह नंगे पांव जाएंगे और उनका आशीर्वाद लेंगे। उन्होंने आगे कहा कि कांग्रेस का 18 सूत्री एजेंडा पूरी तरह लोगों के कल्याण का एजेंडा है और पंजाब माडल है। वे पहरेदार की तरह इस एजेंडे को लागू कराने में जी जान लगा देंगे।