जनवरी 2020 से 30 जून 2021 के बीच रिटायर हुए कर्मचारियों को (डीए, लीव इनकैशमेंट व ग्रेच्युटी) में हुई कटौती से लाखों रुपये का नुकसान उठाना पड़ा है। इसके अलावा कर्मचारियों व पेंशनर्स को डीए की तीन किस्तें न मिलने पर 3500 करोड़ रुपये का झटका लगा है, चूंकि मुख्यमंत्री ने एरियर देने का एलान नहीं किया है।
दबाव काम आया, बकाया भी दे सरकार
सर्व कर्मचारी संघ के प्रधान सुभाष लांबा व महासचिव सतीश सेठी ने कहा कि उनकी ओर से लगातार बनाया गया दबाव काम आया। लेकिन, 18 महीने के बकाया एरियर पर चुप्पी साधने से कर्मचारियों में नाराजगी है। उन्होंने शीघ्र अतिशीघ्र महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी के साथ एरियर देने का पत्र भी जारी करने की मांग की है। 25 जुलाई को एरियर सहित अन्य मुद्दों को लेकर केंद्रीय कमेटी की बैठक बुलाई है। बैठक में चर्चा कर आगामी आंदोलन की घोषणा की जाएगी। सरकार को कच्चे कर्मियों के लिए राहत पैकेज की घोषणा करनी चाहिए।
इससे पहले जून में सरकार ने पिछले आठ वर्षों से नौकरी के लिए संघर्ष कर रहे प्रदेश में कार्यरत लगभग 4500 कंप्यूटर टीचर्स और लैब सहायकों का वेतन पहली अप्रैल से बढ़ा दिया था। कंप्यूटर टीचर्स को पहले 15 हजार और लैब सहायकों को 9 हजार रुपये प्रतिमाह वेतन दिया जा रहा था। अब इन्हें 18000 और 12000 रुपये प्रतिमाह मिलेंगे।