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सावधान! बाजार में मिल रहे मिलावटी सैनिटाइजर, पांच सैंपल हुए फेल, कंपनियों पर गिरेगी गाज

Fri, 11 Sep 2020 09:49 AM IST
खुशबू गोयल आशीष वर्मा, चंडीगढ़

सार

  • चंडीगढ़ स्वास्थ्य विभाग ने लिए थे सैंपल
  • मिलावट करने वाली कंपनियों पर गिरेगी गाज
  • चार में मेथेनॉल की मात्रा कम पाई गई
  • एक में मैथेनॉल मिलावटी पाया गया
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सैनिटाइजर - फोटो : Amar Ujala
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विस्तार
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कोरोना वायरस की लड़ाई में हैंड सैनिटाइजर की अहमियत काफी बढ़ गई है। घर हो या दफ्तर, हर जगह अब इसका इस्तेमाल तेजी से हो रहा है, मगर इसकी गारंटी नहीं है कि जिस सैनिटाइजर का आप प्रयोग कर रहे हैं, वह वायरस को मारने में सक्षम है या नहीं। चंडीगढ़ स्वास्थ्य विभाग ने हाल ही में बाजार में बिक रहे सैनिटाइजर के सैंपल भरे थे।
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इनमें से पांच सैंपल मानकों पर खरे नहीं उतरे हैं यानी फेल हो गए हैं। चंडीगढ़ प्रशासन अब सैनिटाइजर बनाने वाली कंपनियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने जा रहा है। इन कंपनियों को अगले दो से तीन दिन में नोटिस जारी कर जवाब मांगेगी। जवाब आने के बाद कानूनी कार्रवाई की जाएगी। स्वास्थ्य विभाग से जुड़े अधिकारियों ने बताया कि चंडीगढ़ से कुल 16 सैंपल लिए गए थे, जिनमें पांच फेल पाए गए हैं। चार सैंपल में मेथेनॉल की मात्रा मानक से कम मिली है तो एक सैंपल में मेथेनॉल मिलावटी पाया गया है।

मेथेनॉल एक तरह से एल्कोहल है। सैनिटाइजर में इसकी मात्रा कम से कम 65 फीसदी होनी चाहिए लेकिन फेल होने वाले सैंपल में इसकी मात्रा तय मानक से कम मिली है। ड्रग कंट्रोलर ऑफिस इंचार्ज अमित दुग्गल का कहना है कि कंपनियों के खिलाफ नोटिस भेजे जा रहे हैं। जवाब मिलने के बाद कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी। हरियाणा में सैंपल फेल होने पर सैनिटाइजर कंपनी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई और उनके ड्रग्स लाइसेंस भी निलंबित किए गए।
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सैनिटाइजर से बेहतर है साबुन से हाथ धोना

पीजीआई के स्कूल आफ पब्लिक हेल्थ के एडिशनल प्रोफेसर प्रो. रवींद्र खैवाल ने बताया कि सैनिटाइजर की बजाय साबुन से हाथ धोना ज्यादा बेहतर है। कई शोध ने बताया है कि साबुन से 20 सेकेंड तक अच्छी तरह से हाथ धोने से कोरोना का खतरा नहीं रहता है। घर पर रहने के दौरान चार से पांच बार साबुन से 20 सेकेंड तक हाथ धोना चाहिए।

सैनिटाइजर का इस्तेमाल उन स्थितियों में किया जाता है, जहां हाथ धोने की उपलब्धता कम हो। ट्रैवलिंग या अस्पताल में पेशेंट के बीच रहने पर सैनिटाइजर का इस्तेमाल करना चाहिए। कोरोना वायरस से लड़ने के लिए वही सैनिटाइजर असरदार होगा, जिसमें अल्कोहल की मात्रा अधिक होगी। घरों में इस्तेमाल होने वाला साबुन सैनिटाइजर के मुकाबले ज्यादा असरदार है।

सैनिटाइजर होता है ज्वलनशील, सावधानीपूर्वक करें इस्तेमाल
अच्छा सैनिटाइजर वही होता है, जिसमें एल्कोहल की मात्रा 65 फीसदी तक हो। एल्कोहल की मौजूदगी होने के कारण यह पदार्थ ज्वलनशील होता है। इससे आग लगने का खतरा रहता है। ऐसे में जहां आग लगने की संभावना हो, वहां पर दूर हटकर सैनिटाइजर का इस्तेमाल करना चाहिए। हैंड सैनिटाइजर में मौजूद एल्कोहल तभी काम करता है, जब हाथ सूखे हों।
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