पंजाब के पूर्व डीजीपी सुमेध सैनी की गिरफ्तारी को पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट द्वारा रद्द किए जाने के मामले पर कैबिनेट मंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा ने अपनी ही सरकार को कठघरे में खड़ा कर दिया है। उन्होंने पूरे मामले में तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए एजी और गृह विभाग के अफसरों को तुरंत बर्खास्त करने की मांग की है।
मुख्यमंत्री को संबोधित करते हुए शुक्रवार को रंधावा ने अपने ट्विटर हैंडल पर लिखा- पंजाब के एडवोकेट जनरल अतुल नंदा, गृह सचिव अनुराग अग्रवाल और विजिलेंस ब्यूरो के चीफ डायरेक्टर बीके उप्पल को उनकी प्रोफेशनल नाकाबलियत के लिए उन्हें तुरंत बर्खास्त किया जाए। रंधावा ने अपने इस ट्वीट में पूर्व कांग्रेस प्रधान राहुल गांधी और पंजाब कांग्रेस के प्रधान नवजोत सिंह सिद्धू को टैग किया है।
गौरतलब है कि सुखजिंदर रंधावा इससे पहले भी मुख्यमंत्री के कामकाज पर टिप्पणी करते रहे हैं और नवजोत सिद्धू द्वारा कैप्टन के खिलाफ खोले गए मोर्चे में भी वे सिद्धू के पक्ष में रहे हैं। राज्य का गृह विभाग इस समय मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के ही अधीन है। इस तरह रंधावा ने अफसरों की नाकाबलियत का मुद्दा उठाकर कैप्टन के कामकाज पर भी अप्रत्यक्ष रूप से सवाल उठाया है।
वहीं, यह पहला मौका है, जब कांग्रेस के किसी नेता ने राज्य के गृह विभाग के अफसरों पर सीधे तौर पर उंगली उठाई है। विभिन्न मामलों, जिनमें कोटकपूरा गोलीकांड को लेकर गठित एसआईटी की जांच रिपोर्ट हाईकोर्ट द्वारा रद्द कर दिए जाने के मामले के समय भी पंजाब कांग्रेस के तत्कालीन प्रधान सुनील जाखड़ ने एडवोकेट जनरल अतुल नंदा को बर्खास्त करने की मांग की थी। इनके अलावा सांसद प्रताप बाजवा और कई अन्य कांग्रेस नेता भी अतुल नंदा को हटाए जाने की मांग करते रहे हैं।