यूटी के विभिन्न व्यापारी, औद्योगिक और रिहायशी संगठनों ने शुक्रवार को एकजुटता दिखाते हुए केंद्रीय गृह राज्य मंत्री किरण रिजिजू से प्रशासक शिवराज पाटिल को प्रशासक के पद से तुरंत हटा कर उन्हें वापस भेजने की मांग की।
शुक्रवार शाम को सेक्टर-33 स्थित भाजपा कार्यालय में कमलम में शहर के कई संगठनों ने गृह राज्य मंत्री से मिलकर उन्हें अपनी लंबित मांगों का ज्ञापन भी दिया। इस दौरान इन संगठनों के प्रतिनिधियों ने पाटिल को हटाने की मांग की और कहा कि अगर वह अपना कार्यकाल पूरा करने तक पांच महीने और प्रशासक के पद पर रहेंगे तो शहर बर्बाद हो जाएगा।
इन संगठनों ने गृह राज्य मंत्री से शहर में चीफ कमिश्नर का पद बहाल करने की मांग भी की। किरण रिजिजू ने कहा कि चीफ कमिश्नर पद को बहाल करने के मामले में विचार किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि उनके संज्ञान में कुछ दिन पहले ही यह मामला आया है कि चंडीगढ़ को डिस्टर्ब एरिया घोषित किए जाने संबंधी अधिसूचना वापस ले ली गई है और इसके बाद चंडीगढ़ में चीफ कमिश्नर का पद बहाल हो सकता है। इस पर एमएचए विचार करेगा।
इंडस्ट्री एसोसिएशन ऑफ चंडीगढ़ के कार्यकारी सदस्य पंकज खन्ना ने कहा कि चंडीगढ़ में किसी का काम नहीं हो रहा है और शहर का कोई भी नागरिक उनसे खुश नहीं है। गृह मंत्रालय के निर्देशों को भी माना नहीं जा रहा है। पाटिल ने अपनी अलग दुनिया बनाई है।
इसलिए हम सभी ने एकजुट होकर पाटिल को वापस भेजने की मांग की है। फॉसवैक के चेयरमैन बलजिंदर सिंह बिट्टू ने कहा कि हमने गृह राज्य मंत्री से कहा कि चीफ कमिश्नर के पद को बहाल किया जाए। चंडीगढ़ में प्रशासक के पद की जरूरत नहीं है।