पंजाब में मंत्री पद नहीं मिलने से जहां कई कांग्रेसी विधायक नाराज चल रहे हैं, वहीं मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू पर मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह लगातार मेहरबान हो रहे हैं। बीते दिनों सिद्धू की पत्नी नवजोत कौर सिद्धू को पंजाब वेयर हाउसिंग कारपोरेशन के चेयरपर्सन का पद सौंपने के बाद अब राज्य सरकार ने सिद्धू के बेटे करण सिंह सिद्धू को असिस्टेंट एडवोकेट जनरल के पद पर नियुक्त कर दिया है।
वैसे नवजोत कौर सिद्धू ने अब तक पद नहीं संभाला है। वीरवार को राज्य सरकार ने तीन एडिशनल एडवोकेट जनरल, 14 असिस्टेंट एडवोकेट जनरल और 11 डिप्टी एडवोकेट की नियुक्ति के जो आदेश जारी किए हैं, उन्हीं के तहत नवजोत सिंह सिद्धू के बेटे करण सिद्धू को असिस्टेंट एडवोकेट जनरल का पद दिया गया है।
सिद्धू के परिजनों को सरकारी ओहदो पर दी गई नियुक्तियों ने प्रदेश कांग्रेस में भी हलचल पैदा कर दी है। क्योंकि विधानसभा चुनाव से पहले खुद कैप्टन अमरिंदर सिंह ने यह एलान किया था कि एक परिवार से एक ही पद दिया जाएगा। सिद्धू की पत्नी और उनके बेटे को पद दिए जाने का प्रदेश इकाई में खुलकर कोई विरोध नहीं हुआ है लेकिन कुछ नेताओं का कहना है कि शाहकोट उपचुनाव समाप्त होते ही नाराज विधायक अब सीधे तौर पर कैप्टन को निशाने पर ले सकते हैं।
क्योंकि वे अपनी अनदेखी की शिकायत पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष तक पहुंचा आए हैं। इस बीच, इस पूरे मामले को सिद्धू के पार्टी में बढ़ते कद के रूप में भी देखा जा रहा है। तीस साल पुराने रोडरेज के मामले में हत्या के आरोप से बरी हुए सिद्धू सबसे पहले राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के मिलने नई दिल्ली गए थे।