चंडीगढ़ में धरना दे रहे पंजाब के किसानों की सरकार के अधिकारियों के साथ बैठक हुई। यह बैठक सचिवालय में शाम पांच बजे शुरू हुई थी। लेकिन बैठक में कोई नतीजा नहीं निकला। अब कल किसान नेता सीएम मान के साथ मीटिंग करेंगे।
पंजाब के किसानों ने चंडीगढ़ सेक्टर-34 के मेला ग्राउंड को पंजाब का मिनी गांव बना दिया है। यहां बड़ी संख्या में किसान धरने पर बैठे हुए हैं। किसान छह महीने का राशन-पानी लेकर यहां पहुंचे हैं। हालांकि चंडीगढ़ प्रशासन की तरफ से किसानों को बुधवार तक का समय दिया गया है। बुधवार दोपहर में किसानों ने आपस में बैठक की इसके बाद उन्हें शाम पांच बजे पंजाब सरकार के अधिकारियों ने उन्हें बैठक के लिए बुलाया था।
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सेक्टर-34 स्थित मेला ग्राउंड में धरने पर बैठे पंजाब खेत-मजदूर यूनियन व भारत किसान यूनियन उगराहां के नेताओं की पंजाब सरकार के साथ सचिवालय में बैठक बैठक हुई। बैठक शाम पांच बजे शुरू हुई। बुधवार शाम को किसान नेताओं की एडीजीपी जसकरण सिंह के साथ बैठक हुई। बैठक में आज कोई हल नहीं निकला। इसलिए अब वीरवार दोपहर तीन बजे मुख्यमंत्री भगवंत मान के साथ किसान नेताओं की बैठक होगी। इस बैठक में चीफ सेक्रेटेरी, कैबिनेट मंत्री व अलग-अलग विभागों के अधिकारियों मौजूद रहेंगे। ऐसे में अभी किसानों का सेक्टर-34 स्थित मेला ग्राउंड में धरना वीरवार दोपहर तक जारी रहेगा।
पंजाब खेत-मजदूर यूनियन के ब्लॉक प्रधान जोरा सिंह नसराली ने बताया कि चंडीगढ़ प्रशासन ने पक्का मोर्चा लगाने के लिए लिखित में कोई पत्र या आदेश नहीं दिए हैं, उन्हें केवल मौखिक तौर पर सेक्टर-34 ग्राउंड में धरना लगाने के लिए कहा गया है। जोरा सिंह ने कहा कि पंजाब विधानसभा सत्र के दो दिन बीत चुके हैं। उनकी मांगों को लेकर विधानसभा में सरकार ने अभी कोई बातचीत नहीं की है इसलिए वह बुधवार शाम 4 बजे तक पंजाब सरकार का इंतजार करेंगे कि वह उनकी मांगों को लेकर विधानसभा में क्या करते हैं। अगर सरकार ने उनकी मांगें नहीं मानीं तो दोनों जत्थेबंदियां बैठक करेंगी।