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वेब सीरीज IC-814: काठमांडू में हनीमून से लौट रही थी चंडीगढ़ की पूजा, आधे घंटे बाद हवा में हाईजैक हो गया प्लेन

Wed, 04 Sep 2024 04:53 PM IST
अंकेश ठाकुर न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

वर्ष 1999 में नेपाल के काठमांडू से हाईजैक हुए प्लेन में चंडीगढ़ की पूजा और उनके पति भी थे। वह हनीमून मनाकर लौट रहे थे। पूजा कटारिया ने बताया कि हाईजैक के बाद आठ दिन उन्होंने कैसे गुजारे। 
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पूजा कटारिया। - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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ओटीटी प्लेटफॉर्म नेटफ्लिक्स पर हाल ही में रिलीज हुई वेब सीरीज आईसी-814: द कंधार प्लेन हाईजैक का कनेक्शन चंडीगढ़ से भी है। क्योंकि चंडीगढ़ के सेक्टर-13 मनीमाजरा के रहने वाला एक कपल भी इस प्लेन में सवार था। 

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यह वेब सीरीज रिलीज होते ही खूब सुर्खियों बटोर रही है। वेब सीरीज को लेकर विवाद गहराया हुआ है। वेब सीरीज आईसी-814 में आतंकियों के नाम को लेकर काफी विवाद हो रहा है। 

इस विमान में चंडीगढ़ के मनीमाजरा की पूजा कटारिया और पति भी सवार थे। पूजा शादी के बाद पति के साथ हनीमून पर नेपाल गई हुई थी। इस दौरान काठमांडू से जब फ्लाइट दिल्ली लौट रही थी तो विमान को आतंकियों द्वारा हाईजेक कर लिया गया।
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पूजा कटारिया ने प्लेन हाईजैक की पूरी कहानी और आपबीती को साझा किया है। पूजा ने बताया कि वह पति के साथ नेपाल की राजधानी काठमांडू गई थी। वहां से वापसी में दिल्ली आना था, लेकिन जब हम फ्लाइट पर बैठे तो कुछ देर बाद हमारी फ्लाइट हाईजैक हो गई। 24 दिसंबर 1999 को काठमांडू से दिल्ली जा रही फ्लाइट हाईजैक कर ली गई थी। उस वक्त प्लेन में कुल 176 पैसेंजर सवार थे। प्लेन को पांच हाईजेकर्स ने हाईजेक कर लिया। 

पूजा कटारिया ने बताया कि फ्लाइट को टेकऑफ किए अभी आधा घंटा भी नहीं हुआ था, तभी प्लेन हाईजैक हो गया। विमान हाईजैक होने के बाद के बाद कहां ले गए, हमें तो ये भी नहीं पता था की हम कहां हैं। शुरू के दो दिन बहुत टेंशन में गुजरे, लेकिन उसमें उन पांच हाईजैकर्स में से एक आतंकी बहुत फ्रेंडली था, वह गाने गाता रहता था। उसे डॉक्टर के नाम से पुकारा जाता था। वह सभी को कहता था कि इस्लाम अपना लो, इस्लाम धर्म बहुत अच्छा है। 

बर्गर ने किया शॉल भी गिफ्ट पूजा कटारिया ने कहा कि 28 दिसंबर को मेरा बर्थडे था। बर्थडे के दिन मुझे एक आतंकी ने जिसका नाम बर्गर था, उसने शॉल भी गिफ्ट किया। शॉल पर बर्थडे विश भी
लिखी थी। खास बात यह है कि वह शॉल आज भी पूजा कटारिया के पास है। आतंकी ने पूजा को एक पेप्सी कैन भी दिया था, जिसे पूजा ने आजतक नहीं खोला। 

शंकर भोले के नाम से ही कोड वर्ड
पूजा कहती हैं कि उस दिन की घटना को याद कर मुझे आज भी डर लगता है। हम जिंदा वापस आए, हमारे लिए यही बड़ा गिफ्ट था। आज भी जब मैं उसे दिन को याद करती हूं, तो वही डर आज भी मुझे लगता है। लेकिन जिस तरह से इस वेब सीरीज में जो नाम बताए गए हैं, वे वैसे ही वह बात करते थे और शंकर भोले के नाम से ही कोड वर्ड में वह अंदर बात करते थे। 

सात दिन तक रहे बंधक
पूजा का कहना है कि वे सात दिन उसे जहाज के अंदर बंधक रहे, लेकिन हमें यह पता नहीं था कि हम कहां पर हैं। लास्ट दिन जब उन्होंने कहा कि हम सबको मार रहे हैं और अपने-अपने भगवान को याद कर लीजिए उसे दिन हमें लगा कि अब हम मरने ही वाले हैं। कुछ ही देर बाद एक आतंकी कहता है कि हमारी बात आपकी सरकार से हो गई है अब हम आपको रिहा कर रहे हैं। 

वेब सीरीज में दिखाए गए नाम सही 
पूजा कटारिया के पास आज भी उस हाईजैक हुई फ्लाइट आईसी 814 का बोर्डिंग पास, टिकट और एक अपहरणकर्ता की तरफ से दी गई शॉल भी मौजूद है, जिसका नाम बर्गर था। पूजा ने बताया की वेब सीरीज में जिन पांच अपहरणकर्ताओं के नाम दिखाए गए हैं वो बिल्कुल सही हैं। क्योंकि वे एक-दूसरे को उन्हें नामों से पुकारते थे। 

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