बिजली कर्मियों की हड़ताल पर हरियाणा सरकार के साथ सोमवार को हुई वार्ता विफल रही। यूनिटों के निजीकरण को लेकर सरकार और कर्मियों में तनातनी के बीच हरियाणा भवन में चार घंटे तक चली बैठक में बात नहीं बन सकी। हालांकि बैठक के दौरान मंत्री कृष्णलाल पंवार ने हड़ताल टालने के लिए कर्मचारियों को मनाने की भरपूर कोशिश की।
बैठक में शामिल हरियाणा ज्वाइंट एक्शन कमेटी (पावर) के सदस्य देवेंद्र सिंह हुड्डा ने बताया कि 29 व 30 जून को प्रस्तावित हड़ताल के संबंध में अब कर्मचारी यूनियनों के बीच मंगलवार को करनाल में आपसी मंत्रणा होगी। वे आपस में बैठक कर हड़ताल के मुद्दे पर जो निर्णय लेंगे, उससे बैठक के बाद सरकार को तत्काल अवगत करा दिया जाएगा।
हरियाणा सरकार ने बिजली कर्मचारियों के तेवर देखते हुए सोमवार शाम को कर्मचारियों के साथ बैठक की। देर रात साढ़े नौ बजे के बाद तक चली बैठक में आखिरकार कोई नतीजा सामने नहीं आया। जबकि बैठक में सर्वकर्मचारी संघ हरियाणा के महासचिव सुभाष लांबा, हरियाणा के मुख्य सचिव डीएस ढेसी, बिजली विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव और परिवहन मंत्री कृष्णलाल पंवार शामिल हुए।
मालूम हो कि हरियाणा बिजली निगमों के संघों की ओर से की गई दो दिन की हड़ताल की घोषणा के मद्देनजर मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने स्थिति की समीक्षा की तथा आंदोलन कर रहे कर्मचारियों से 29 एवं 30 जून को घोषित हड़ताल वापस लेने की अपील की है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार कर्मचारियों से बातचीत के लिए हर समय तैयार है तथा उनकी उचित मांगों का शीघ्र निपटान किया जाएगा। उन्होंने आंदोलन कर रहे कर्मचारियों के प्रतिनिधियों से बातचीत करने के लिए परिवहन मंत्री कृष्ण लाल पंवार की अध्यक्षता में एक कमेटी भी गठित की है। मुख्यमंत्री ने बिजली विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रदेश में निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएं ताकि लोगों को कोई असुविधा न हो।
उन्होंने कहा कि बिजली आपूर्ति प्रणाली में व्यवधान डालने का प्रयास करने वाले शरारती तत्वों से सख्ती से निपटा जाएगा। उल्लेखनीय है कि सरकार दुारा बिजली कर्मचारियों की हड़ताल पर एस्मा लगाने से गुस्साए विभिन्न विभागो के कर्मचारियों ने जिला स्तर पर प्रदर्शन किए हैं। कर्मचारी एस्मा की आदेशों की होली पहले ही जला चुके हैं। कर्मचारियों ने सरकार के इस निर्णय को अलोकतांत्रिक व तानाशाही कदम बताया है। सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के प्रधान धर्मबीर फौगाट,महासचिव सुभाष लांबा व कर्मचारी महासंघ के प्रधान कवंर सिंह यादव पिछले कई दिनों से सरकार पर बिजली कर्मचारियों की मांगो को लेकर दबाव बनाए हैं।
बिजलीकर्मी जहां 29 और 30 जून को हड़ताल करने पर अड़े
बिजली कर्मियों ने निकाला मशाल जुलूस
- फोटो : amar ujala
एस्मा लागू करने के बावजूद बिजलीकर्मी जहां 29 और 30 जून को हड़ताल करने पर अड़े हैं, वहीं प्रशासन ने भी हड़तालियों से निपटने और बिजली आपूर्ति व्यवस्था बाधित नहीं होने देने के लिए कमर कस ली है। सिरसा, रेवाड़ी और यमुनानगर में प्रशासन ने धारा 144 लागू कर दी है। कई जिलों में बिजली आपूर्ति और हड़ताली कर्मचारियों पर नजर रखने के लिए ड्यूटी मजिस्ट्रेट लगा दिए गए हैं। बिजलीकर्मियों और उनके समर्थन में आए कर्मचारी संगठनों ने सोमवार को भी एस्मा की प्रतियां फूंकी, प्रशासन को ज्ञापन दिए और मशाल जुलूस निकाले।
हड़ताल के दौरान बिजली आपूर्ति व्यवस्था निर्बाध बनी रहे इसके लिए प्र्रशासन ने गांवों में युवाओं की ड्यूटी ठीकरी पहरा देने में लगाई है। सिरसा उपायुक्त शरणदीप कौर बराड़ ने कहा कि ठीकरी पहरा देने वाले युवा 28 जून से हड़ताल खत्म होने तक बिजली बाधित करने की वारदात रोकने, सार्वजनिक संपत्ति व आम नागरिकों की जानमाल की सुरक्षा एवं बचाव के तत्पर रहेंगे। सोनीपत में जिला प्रशासन ने पंजाब विलेज एंड स्माल टाउन एंड पेट्रोल एक्ट 1918 की धारा-3 के तहत आदेश जारी किए हैं कि युवाओं को अपने-अपने क्षेत्र में 28 जून शाम 6 बजे से एक जुलाई प्रात: 9 बजे तक के लिए ठीकरी पहरा लगाना होगा। इसके साथ ही ड्यूटी मजिस्ट्रेटों की भी नियुक्ति की गई है।
कार्रवाई की तो आंदोलन तेज करने की चेतावनी सोनीपत में हरियाणा कर्मचारी महासंघ के प्रांतीय महासचिव विरेंद्र सिंह धनखड़ ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा प्रदेश के बिजली निगम की 23 सब डिविजनों को निजी हाथों में सौंपा जाना पूरी तरह से गलत है। हड़ताल के दौरान बिजली कर्मियों पर सरकार ने कोई कार्रवाई की तो सभी विभागों के कर्मचारी आंदोलन को और तेज कर देंगे। इसलिए सरकार से यही मांग है कि ज्वाइंट एक्शन कमेटी को बुलाकर कर्मचारियों की मांगों को जल्द ही समाधान कर दें।
बिजली कर्मियों ने ग्रामीणों से मांगा समर्थन बिजलीकर्मी हड़ताल में समर्थन के लिए जहां अलग-अलग कर्मचारी संगठनों को लामबंद कर चुके हैं,वहीं अब गांव-गांव जाकर ग्रामीणों से भी सहयोग की अपील कर रहे हैं।
आंदोलन को दबाना चाहती है सरकार बिजलीकर्मियों की हड़ताल का सर्व कर्मचारी संघ, हरियाणा ने पूर्ण समर्थन करते हुए प्रदेश सरकार द्वारा हड़ताली कर्मचारियों के साथ दमन से निपटने की नीति की कड़े शब्दों में निंदा की है। संघ के राज्य प्रधान धर्मबीर फौगाट ने सकसं कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत में सरकार को चेतावनी दी कि सरकार एस्मा जैसे काले कानून से कर्मचारियों के आंदोलन को दबाना चाहती है। सर्व कर्मचारी संघ मूकदर्शक बनकर देखता नहीं रहेगा।
अखिल हरियाणा कर्मचारी संघ ने बिजली निगम के कर्मचारियों द्वारा की जा रही दो दिवसीय हड़ताल का समर्थन किया है। संघ की कुरुक्षेत्र में आयोजित बैठक में अध्यक्षता करते चेयरमैन योगेन्द्र सिंधु ने कहा कि सरकार ने हड़ताल के दौरान कर्मियों पर कार्रवाई का प्रयास किया तो उनका संघ प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों में हड़ताल करने पर विवश होगा।
कर्मचारियों की हड़ताल को देंगे पूरा समर्थन : तंवर
फतेहाबाद। सब डिविजनों को ठेके पर देने के खिलाफ कर्मचारियों की हड़ताल को कांग्रेस का पूरा समर्थन दिया जाएगा। एस्मा लगाकर प्रदेश सरकार ने कर्मचारियों के लोकतांत्रिक हितों को दबाने का प्रयास किया है। यह बात कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष अशोक तंवर ने यहां पत्रकारों से बातचीत में कही। तंवर सिरसा से यमुनानगर जाते समय फतेहाबाद रुके थे। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार लगातार प्रत्येक मोर्चे पर विफल साबित हो रही है।