कैप्टन अमरिंदर सिंह। (फाइल फोटो)
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पंजाब कांग्रेस में बवाल अभी थमा नहीं है। नवजोत सिंह सिद्धू ने गुरुवार शाम को चंडीगढ़ में मंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा के आवास पर कई मंत्रियों और विधायकों के साथ बैठक कर प्रदेश में राजनीतिक कयासबाजी तेज कर दी है। सुलह के फॉर्मूले के बीच सिद्धू की यह बैठक पंजाब में चर्चा का विषय है। उधर, पंजाब के मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार रवीन ठुकराल ने कैप्टन अमरिंदर सिंह के इस्तीफे की मीडिया रिपोर्ट्स को निराधार बताया। उन्होंने कहा कि न तो कैप्टन ने इस्तीफा दिया है और न ही ऐसा करने की पेशकश की है। वह 2022 के विधानसभा चुनावों में पंजाब कांग्रेस को जीत दिलाएंगे जैसा कि उन्होंने 2017 में किया था।
मंत्री विधायकों संग सिद्धू की बैठक
गुरुवार शाम को कांग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्धू ने चंडीगढ़ में पार्टी के विधायक और मंत्रियों के साथ बैठक की। पंजाब की राजनीति में सिद्धू की यह बैठक चर्चा का विषय है। वहीं राजनीतिक कयासबाजी का दौर भी शुरू हो गया है। बताया जा रहा है कि नवजोत सिंह सिद्धू ने कैबिनेट मंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा के चंडीगढ़ स्थित आवास में यह बैठक की।
बैठक में मंत्री चरणजीत सिंह चन्नी, कैबिनेट मंत्री तृप्त राजिंदर बाजवा और विधायक परगट सिंह शामिल थे। तीनों मंत्री और विधायक परगट सिंह कैप्टन अमरिंदर सिंह सरकार के खिलाफ पहले भी मोर्चा खोल चुके हैं। इन्हें सिद्धू खेमे का नेता माना जाता है।
कैप्टन हिंदू नेता को प्रदेश अध्यक्ष बनाने के पक्ष में
कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कुछ समय पहले पार्टी के विधायकों के साथ अपने फॉर्म हाऊस में बैठक बुलाई थी। इस दौरान राज्य में हिंदू नेता को प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने की मांग उठी थी। इसके बाद सेे ही कैप्टन हाईकमान को इस मामले में मनाने में जुटे हैं। कैप्टन अमरिंदर सिंह शिक्षा मंत्री विजय इंदर सिंगला को प्रदेश अध्यक्ष बनाने पर सहमत हैं।
इसी हफ्ते होगा पंजाब कांग्रेस का पुनर्गठन
जनवरी, 2020 में हाईकमान ने पंजाब में प्रदेश इकाई को भंग कर दिया था। उस समय सुनील जाखड़ ने भी प्रधान पद से अपना इस्तीफा हाईकमान को सौंप दिया था। हालांकि हाईकमान ने जाखड़ को अगले आदेश तक प्रधान पद पर बने रहने का निर्देश दिया था। माना जा रहा है कि इसी हफ्ते पंजाब कांग्रेस का पुनर्गठन किया जा सकता है।
पंजाब में कैबिनेट विस्तार के भी संकेत
पंजाब कांग्रेस के प्रभारी हरीश रावत ने कैबिनेट विस्तार के संकेत भी दिए हैं। इस समय प्रदेश कैबिनेट में केवल एक पद खाली है, जबकि दावेदारों के अलावा हटाए जाने वाले मौजूदा कैबिनेट मंत्रियों के नामों पर कयास ही लगाए जा रहे हैं।