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फर्जीवाड़ा: किसान क्रेडिट कार्ड के नाम पर दो-दो बैंकों से लोन, डाटा सत्यापित न होने से नहीं हो पा रही कार्रवाई

Tue, 30 Nov 2021 11:20 AM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

बैंक अधिकारियों ने संभावना जताई है कि हरियाणा में जिस दिन सभी बैंकों के किसान क्रेडिट कार्ड का डाटा सत्यापित हुआ, उस दिन बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आ सकता है।
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किसान क्रेडिट कार्ड के नाम पर फर्जीवाड़ा। - फोटो : प्रतीकात्मक
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विस्तार
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हरियाणा में किसान क्रेडिट कार्ड के नाम पर एक ही व्यक्ति ने दो-दो बैंकों से लोन लिया हुआ है। बैंकों की पकड़ में ऐसे अनेक मामले आए हैं। अब बैंकों को सरकार की तरफ से कार्रवाई के लिए इशारे का इंतजार है। इसमें संबंधित किसान या व्यक्ति पर कड़ी कार्रवाई का प्रावधान है।

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राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति के समक्ष स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने इस मुद्दे को प्रमुखता से रखा है। केसीसी को लेकर सभी बैंकों की अभी एक केंद्रीयकृत प्रणाली नहीं है। इसलिए यह फर्जीवाड़ा बड़े पैमाने पर अभी पकड़ में नहीं आ रहा। अनेक राज्य अपने प्रदेश में संचालित सभी बैंकों के केसीसी का रिकॉर्ड सत्यापित कर दो-दो बैंक से केसीसी पर लोन वाले किसानों, व्यक्तियों पर कार्रवाई कर रहे हैं।

बैंक अधिकारियों ने संभावना जताई है कि हरियाणा में जिस दिन सभी बैंकों के किसान क्रेडिट कार्ड का डाटा सत्यापित हुआ, उस दिन बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आ सकता है। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया केअधिकारियों ने बैंकर्स समिति को कहा है कि जल्दी डाटा सत्यापन करवाएं। अगर दो-दो जगह से लिया लोन किसानों ने वापस न किया तो बैंकों की बड़ी राशि एनपीए हो जाएगी। प्रदेश सरकार की वित्तीय मामलों से जुड़ी उप समिति में भी इस मुद्दे को उठाया जा चुका है। 
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वित्त विभाग के अधिकारियों ने कृषि महकमे और अग्रणी बैंकों से चर्चा कर इसका कोई समाधान निकालने का आश्वासन दिया है। बैंकों ने हरियाणा सरकार से आग्रह किया है कि भूमि के बदले लोन के डिफाल्टर मामलों में रिकवरी की व्यवस्था बनाई जाए। अगर कोई योजनाबद्ध तरीके से बैंकों का पैसा नहीं लौटाता है, तो रिकवरी के लिए स्पष्ट प्रावधान होना चाहिए।

फर्जी सीएफएल मामले में कार्रवाई के निर्देश
प्रदेश में फर्जी सीएफएल यानि सेंटर फॉर फाइनेंशियल लिटरेसी भी चल रहे हैं। यह सेंटर सिर्फ कागजों में हैं, धरातल पर नहीं। अग्रणी बैंकों के संज्ञान में ये मामले आए हैं। उन्होंने रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया से फर्जी सीएफएल मामले में कार्रवाई की मांग की है। रिजर्व बैंक की योजना के तहत ही लोगों को वित्तीय तौर पर साक्षर बनाने के लिए ये केंद्र खोले गए हैं। लोगों ने कागजों में केंद्र हासिल करने के साथ सभी लाभ ले लिए, लेकिन धरातल पर कुछ नहीं किया। इसमें बैंकों को काफी वित्तीय नुकसान हुआ है। आरबीआई के क्षेत्रीय निदेशक ने अग्रणी बैंकों को निर्देश दिए हैं कि ऐसे केंद्रों की जांच कर संबंधित लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करें।

 
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