प्रदेश में डीएपी की किल्लत को देखते हुए हरियाणा सरकार ने इसके विकल्प के तौर पर गाय के गोबर से जैविक खाद बनाने की योजना तैयार की है। हरियाणा गो सेवा आयोग की ओर से पिंजौर स्थित अनुसंधान संस्थान में प्रोम के नाम से खाद तैयार भी कर ली है। अभी लैब में भेजकर इसकी टेस्टिंग कराई जा रही है। सर्टिफिकेट मिलने के बाद अगले साल तक इसे मार्केट में उतारा जाएगा।
बुधवार को यहां रासायनिक डीएपी के विकल्प जैविक प्रोम के भविष्य की कार्य योजना पर आयोजित ऑनलाइन वेबिनार में यह जानकारी दी गई। कृषि मंत्री जेपी दलाल ने कहा कि इस खाद के मानक प्रमाणित होने पर हरियाणा सरकार प्रमाणिक तौर पर तैयार खाद को किसानों तक पहुंचाएगी। यह जैविक खेती में एक जबरदस्त क्रांति का काम करेगा। अगर हम इस दिशा में कामयाब होते हैं तो निश्चित तौर पर हरियाणा देश में पहला राज्य होगा। यह खाद रासायनिक से सस्ता भी मिलेगी।
हरियाणा गो सेवा आयोग के अध्यक्ष श्रवण कुमार गर्ग ने कहा कि हजारों वर्षों से हमारी कृषि गोबर, गोमूत्र पर आधारित रही है। विभिन्न संगठनों द्वारा जैविक खेती के विभिन्न आयामों पर कार्य चल रहा है।
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इस अवसर पर प्रधानमंत्री कार्यालय से प्रमुख वैज्ञानिक सलाहकार डॉ केतकी बापट, भारत सरकार के पशुपालन आयुक्त डॉ प्रवीन मलिक, हरियाणा पशुपालन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव अंकुर गुप्ता, कृषि विभाग के महानिदेशक डॉ हरदीप सिंह वेबिनार से जुड़े।