कांग्रेस ने सर्वदलीय बैठक का बायकॉट कर सही नहीं किया। उन्हें प्रदेश हित के लिए साथ खड़ा होना चाहिए। यह कहना है सीएम खट्टर का। कांग्रेस के सर्वदलीय बैठक से बायकाट करने पर पत्रकारों के सवाल का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह कांग्रेस की अंदरूनी राजनीति हो सकती है, यह उन्होंने अच्छा नहीं किया है। पूरे प्रदेश के हित के लिए कांग्रेस को साथ खड़ा होना चाहिए था।
उन्होंने कहा कि जाट आरक्षण बिल लाएंगे और बिल पर सभी दल सहमत हैं। मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर की अध्यक्षता में चंडीगढ़ में सर्वदलीय बैठक में एसवाईएल के मुद्दे पर सभी दलों से बातचीत के बाद सर्वसम्मति से ज्ञापन पारित किया गया। बैठक के बाद मुख्यमंत्री की अगुवाई में पंजाब के राज्यपाल प्रो. कप्तान सिंह सोलंकी को एसवाईएल के मुद्दे पर ज्ञापन सौंपा गया।
ज्ञापन सौंपने वाले नेताओं में संसदीय मामलों के मंत्री रामबिलास शर्मा, कृषि मंत्री ओपी धनखड़, विपक्ष के नेता अभय चौटाला, हरियाणा बीजेपी अध्यक्ष सुभाष बराला, इनेलो प्रदेशाध्यक्ष अशोक अरोड़ा, हरियाणा जनहित कांग्रेस अध्यक्ष कुलदीप बिश्नोई, शिरोमणि अकाली दल के विधायक बलकौर सिंह, निर्दलीय विधायक जय प्रकाश शामिल थे।
मुख्यमंत्री ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि राज्यपाल ने हमारी बात सुनी और कहा कि यह दो प्रदेशों के बीच विवाद का विषय है, इस विषय पर वह बात करेंगे। सर्वदलीय बैठक में भी सभी दल एकमत हैं। सभी दलों के एकमत होने से हरियाणा का हित सुरक्षित रहेगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश के हित के लिए एसवाईएल नहर का निर्माण होना चाहिए। पंजाब में एसवाईएल निर्माण के लिए अधिग्रहित भूमि को अनाधिसूचित करना गलत है, पानी का मार्ग एसवाईएल है, इसलिए एसवाईएल का निर्माण जरूरी है।