चंडीगढ़ पहुंचे रविदास के पिता और भाई।
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चंडीगढ़ सेक्टर 20 के श्री चैतन्य गौड़ीय मठ का माहौल रविवार को गमगीन था। शनिवार को रथयात्रा के दौरान हुई ब्रह्मचारी रविदास की मौत ने सभी को झकझोर दिया है। उनके मौत के कारण रविवार को केवल कीर्तन हुआ। खुशी के माहौल में जो नृत्य संकीर्तन होता था। वह आज नहीं हुआ।
सेक्टर 20 के श्री चैतन्य गौड़ीय मठ से वार्षिक धर्म सम्मेलन और रामनवमी उत्सव पर शनिवार को निकली रथयात्रा के दौरान साधक ब्रह्मचारी रविदास की मौत हो गई थी। जब रथयात्रा सेक्टर 18 और 19 के लाइट प्वाइंट के नजदीक पहुंची थी तो रविदास फोटो खींच रहे थे। फोटो खींचने के दौरान खंभे में आए करंट से वे चिपक गए।
मठ से जुड़े हाईकोर्ट के प्रोटोकॉल अफसर गौरश शर्मा ने बताया कि करंट लगने के कारण वे गिर गए। उस दौरान करण और वृंदावन से आए अर्जुन ने उन्हें उठाने की कोशिश की तो उन्हें भी करंट लगा। बाद में वे अपनी गाड़ी में सेक्टर 16 के जीएमएसएच में इलाज के लिए ले गए जहां डॉक्टरों ने रवि को मृत घोषित कर दिया।
रवि मूल रूप से उत्तराखंड के देहरादून के पास का रहने वाले थे और मठ मंदिर से पिछले 11 साल से जुड़े थे। रात में ही रविदास की शरीर को मोर्चरी में रखवा दिया गया। पोस्टमार्टम के बाद उनका शरीर मठ में लाया जाया जाएगा। वहां पर विधिपूर्वक विदाई दी जाएगी। उनका अंतिम संस्कार हरिद्वार में होगा। मठ के अखिल भारतीय आचार्य एवं अध्यक्ष विष्णु महाराज भी हरिद्वार जाएंगे। उन्होंने रवि के निधन पर दुख प्रकट किया है।
पिता और भाई पहुंचे चंडीगढ़...
रविदास के पिता जय श्याम सिंह और भाई ओम प्रकाश सिंह चंडीगढ़ पहुंच गए हैं। वे करंट लगने के स्थान पर भी गए। फिलहाल वे पोस्टमार्टम के लिए सेक्टर 16 में हैं। श्याम सिंह ने बताया कि उनका बेटा चला गया। ऐसे अब किसी और का लाल न जाए, इसके लिए प्रशासन समुचित व्यवस्था करे। बिजली के तार खुले पड़े हैं।