पंजाब के पायल में नशा मुक्ति केंद्र में पिछले 2 महीने से इलाज करवा रहे युवक अमनदीप सिंह निवासी अमृतसर की डेढ़ माह पहले पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी। इसके बाद शव को पास से गुजरती नहर में फेंक दिया।
पुलिस ने मामला दर्ज कर पांच में से तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। बाकी की तलाश जारी है। हत्या का खुलासा तब हुआ जब पांच माह से इलाज करवा रहे फतेह सिंह नामक युवक ने पुलिस के सामने आरोपियों की पोल खोली। नशामुक्ति केंद्र अवैध रूप से चल रहा था या वैध, इसकी जांच की जा रही है।
जानकारी के अनुसार अमनदीप का भाई रविंद्र जब उससे मिलने नशा मुक्ति केंद्र पहुंचा तो नशा मुक्ति केंद्र वालों ने कहा कि वह तो घर चला गया, परंतु जब वह घर नहीं पहुंचा तो परिवार वालों ने इसकी शिकायत संबंधित थाने में दर्ज करवाई। जिसके बाद पुलिस ने उसकी तलाश शुरू की।
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नशा मुक्ति केंद्र में पिछले पांच माह से इलाज करवा रहे फतेह सिंह ने पुलिस को बताया कि उसके सामने ही अमनदीप को महज इसलिए मार डाला, क्योंकि वह कपड़े धीरे धो रहा था। जिसके बाद उसके शव को उठाकर बाहर कहीं अज्ञात स्थान पर ले गए। शक है कि इन लोगों ने अमनदीप के शव को पास से गुजरती नहर में फेंक दिया।
फतेह सिंह ने आगे बताया कि जिस वक्त शव उठाकर नशा मुक्ति केंद्र से बाहर ले जाया गया। उससे पहले सभी लड़कों को एक कमरे में बंद कर दिया गया। इसके बाद शव को बाहर लेकर गए। फतेह सिंह के बयान पर पुलिस ने 5 आरोपियों के खिलाफ हत्या और शव को खुर्द बुर्द करने का मामला दर्ज कर लिया। आरोपियों में नाम परनीत सिंह, हरमनप्रीत सिंह व उसका भाई बिक्रम सिंह, गुरविंदर सिंह व प्रदीप सिंह के नाम शामिल हैं। इनमें से परनीत सिंह, हरमनप्रीत सिंह व उसका भाई बिक्रम सिंह को गिरफ्तार कर लिया है। डीएसपी हरसिमरत सिंह ने गिरफ्तारी की पुष्टि की है। एसएचओ विनोद कुमार ने कहा बाकी आरोपियों को भी जल्द काबू कर लिया जाएगा।
खुद नशा करके आते और पिटाई करते
फतेह सिंह ने बताया कि 21 अप्रैल को नशा मुक्ति केंद्र वालों ने अमनदीप की पीट-पीटकर हत्या की। उसने बताया कि नशा मुक्ति केंद्र में गुप्त अंगों पर डंडे मारे जाते थे और वहीं इलाज करवा रहे एक लड़के ने नाम न बताने पर कैमरे के सामने नशा मुक्ति केंद्र के सभी भेद खोले। युवक ने बताया कि उनके साथ जानवरों की तरह व्यवहार किया जाता था। नशा मुक्ति केंद्र वाले खुद नशा करके आते और पिटाई करते।