चंडीगढ़। सेक्टर-37 में करोड़ों कोठी हड़पने के मामले में कोठी मालिक राहुल मेहता की मौसी के लड़के और हिस्सेदार राजीव मनिकेतला की गवाही वीरवार को जिला अदालत में हुई। राजीव ने अदालत को बताया कि राहुल के पिता के देहांत के समय वह चंडीगढ़ आया था और उससे कोठी के मामले को निस्तारित करने के लिए कहा था। इस दौरान संजीव महाजन और सुरजीत ने उसे डराया था। मामले की अगली सुनवाई 14 मार्च को होगी।
राजीव ने अदालत को बताया कि राहुल की मां ने कोठी की वसीयत बनाई थी। इसमें उसका भी हिस्सा था। जनवरी 2017 में राहुल के पिता का देहांत हो गया था। इस दौरान वह इंग्लैंड से शोक संवेदना व्यक्त करने चंडीगढ़ आया था। इसी दौरान संजीव महाजन और सुरजीत उससे मिले थे। महाजन ने उसे कुछ दस्तावेज दिखाते हुए कहा कि अब हम ही राहुल के परिजन हैं और यह कोठी अपने नाम करवा रहे हैं। महाजन ने राजीव को 25 लाख रुपये लेकर एनओसी देने को कहा। साथ ही कहा कि उनकी बात मान लेना ही उसके लिए ठीक रहेगा। ऐसा न करने की बात कहने पर दोनों ने उसको आंखें दिखाईं, जिससे वह डर गया और इस संबंध में विचार करने की बात कही। राजीव ने बताया कि यहां से वह पहले फरीदाबाद गया और वहीं से इंग्लैंड चला गया। इस संबंध में जब मामले की जानकारी मिली तो फिर से चंडीगढ़ आया।
कोठी ट्रांसफर में लगे दस्तावेज मेरे नहीं
राजीव ने अदालत को बताया कि कोठी को ट्रांसफर करने में जो एनओसी, पासपोर्ट और संबधित दस्तावेज पेश किए गए हैं, वह उसके नहीं हैं। साथ ही आधार कार्ड पर किए गए हस्ताक्षर भी उसके नहीं हैं। आधार कार्ड पर लगा फोटो भी किसी और व्यक्ति का है।
अदालत में पासपोर्ट लाना भूला राजीव, अगली सुनवाई पर लाने के निर्देश
जिला अदालज में गवाह राजीव मनिकेतला को अपना पासपोर्ट पेश करना था। जब अदालत ने उससे पासपोर्ट मांगा तो उसने बताया कि वह पासपोर्ट लाना भूल गया है। अदालत ने अगली सुनवाई पर उसे पासपोर्ट पेश करने को कहा। उसके बाद राजीव की गवाही पूरी हुई। वीरवार को राहुल मेहता सहित अन्य गवाहों के बयान दर्ज होने थे, लेकिन राजीव की गवाही देर तक चलने के कारण अन्य गवाहों की गवाही अगली तारीख के लिए टाल दी गई।